बैजानी गांव के ऐतिहासिक तालाब की बदहाली से छठ पर्व पर संकट, ग्रामीणों ने की प्रशासन से सुरक्षा की मांग

न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर

जिले के जगदीशपुर प्रखंड के अंतर्गत आने वाले बैजानी गाँव का ऐतिहासिक तालाब इस वर्ष छठ महापर्व से पूर्व विवादों और संकटों में घिर गया है। वर्षों से श्रद्धा और आस्था का प्रतीक यह तालाब, जहाँ हर साल हजारों श्रद्धालु सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करते हैं, इस बार अपनी मूल संरचना से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, हाल ही में जेसीबी मशीन से तालाब के किनारे लगभग 20 से 30 फीट गहरी खुदाई कर दी गई, जिससे वहाँ एक बड़ी खाई बन गई है। इस कारण घाट पर पहुँच कर अर्घ्य देना न केवल कठिन, बल्कि बेहद खतरनाक हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों ने अपने स्तर पर सफाई और मरम्मत कर किसी तरह घाट को अर्घ्य देने योग्य बनाया है, लेकिन अब भी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है। स्थानीय ग्रामीणों ने कैमरे पर न आने तथा नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कुछ स्वार्थी तत्वों ने निजी कंपनियों के साथ मिलकर तालाब से जेसीबी और हाईवा से लाखों रुपए के मिट्टी का अवैध गमन किया है। इतना ही नहीं, घाट किनारे बनी सरकारी सीढ़ियाँ भी तोड़ दी गई हैं, जिससे तालाब की सुंदरता और संरचना दोनों नष्ट हो गई हैं। अब तालाब के चारों ओर बड़े-बड़े गड्ढे और फिसलन भरे क्षेत्र बन गए हैं, जिससे किसी भी प्रकार की दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह सब स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है, क्योंकि अब तक किसी जनप्रतिनिधि या प्रशासनिक अधिकारी ने इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया है ? ग्रामीणों ने प्रशासन से माँग की है कि छठ पूजा के दौरान एसडीआरएफ टीम और आपदा मित्रों की तैनाती की जाए, ताकि किसी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके और श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित कर सकें। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस गंभीर मुद्दे पर कब जागते हैं और बैजानी गाँव के इस ऐतिहासिक तालाब की खोई हुई पहचान को फिर से कब तक संवारने की दिशा में ठोस कदम उठाते हैं।