न्यूज स्कैन ब्यूरो, अररिया
एक्सक्लूसिव एक्साइज कोर्ट द्वितीय के विशेष न्यायाधीश शैफाली नारायण की न्यायालय ने मंगलवार को शराब के मामले में दूसरी बार दोषी करार पाने पर दोषी को दस साल सश्रम कारावास के साथ पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही जुर्माने की रकम अदा नहीं करने पर दोषी को एक वर्ष तक की साधारण सजा भुगतने का भी आदेश न्यायालय ने अपने निर्णय में दिया। न्यायालय ने विशेष उत्पाद वाद संख्या 2090/23 में दोषी को सजा सुनाई,जो नरपतगंज (बथनाहा) थाना कांड संख्या 167/23 से संबंधित है।केस के शिकायतकर्ता आरक्षी निरीक्षक छोटे लाल चौहान है।
दोषी करार आरोपी नरपतगंज थाना क्षेत्र के जिमराही वार्ड संख्या 3 के रहने वाले 30 वर्षीय प्रमोद यादव पिता उपेन्द्र यादव है। दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार 6 अप्रैल 2023 की शाम को घर के आंगन में खड़े मोटरसाइकिल टीवीएस अपाची संख्या बीआर11एएन 4091 से विभिन्न ब्रांडों के करीबन 15 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की गई थी।
न्यायालय ने दोषी प्रमोद यादव को दूसरी बार शराब के मामले में दोषी करार दिया। इससे पूर्व न्यायालय से उन्हें विशेष उत्पाद वाद संख्या 359/21 में पांच साल और एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई थी । न्यायालय ने उन्हें 12 अगस्त 2024 को सजा सुनाई थी।इस तरह के अपराध की पूर्णावृति होने पर दुगुनी सजा का प्रावधान है और इसी लिए न्यायालय ने उन्हें दस वर्षों की सजा के साथ साथ पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई ।
अभियोजन पक्ष की ओर से उत्पाद विभाग के चंदन कुमार सिंह ने बताया कि इस तरह का सजा पूरे बिहार में, पहली बार किसी आरोपी को,दूसरी बार शराब के साथ दोषी करार दिए जाने का मामला है। जिसमे दोषी को दूसरी बार शराब मामले में दोषी ठहराया गया ।
बचाव पक्ष की ओर से अरुण कुमार ठाकुर ने कम से कम सजा सुनाई जाने की मांग न्यायालय के समक्ष रखा, जबकि अभियोजन पक्ष की ओर से चंदन कुमार सिंह ने विधि सम्मत सजा सुनाई जाने की दलीलें न्यायालय के समक्ष रखा । दोनो ही पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने दोषी की सजा मुक्ककर किया।
शराब कारोबार में संलिप्त दोषी को दस साल की सश्रम कारावास और पांच लाख रूपये की जुर्माने की सजा

































