- कहा—श्रमिक विरोधी कानून अविलंब वापस ले सरकार
न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर
लेबर कोड्स कानून को लागू किए जाने और मजदूर अधिकारों पर लगातार हो रहे हमलों के खिलाफ 12 फरवरी 2026 को प्रस्तावित देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के उद्देश्य से बुधवार को स्थानीय कचहरी परिसर में विभिन्न मजदूर संगठनों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई।
बैठक में ऐक्टू के राज्य सह जिला सचिव मुकेश मुक्त, एटक के जिला महासचिव डॉ. सुधीर शर्मा, सीटू के जिला सचिव दशरथ प्रसाद, एआईयूटीयूसी के जिला संयोजक दीपक कुमार तथा इंटक के जिला अध्यक्ष रवि कुमार सहित अमर कुमार, मनोहर मंडल और सचिन कुमार उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए मजदूर संगठनों के नेताओं ने कहा कि लेबर कोड्स कानून मजदूरों के शोषण को बढ़ाने और उनके मौलिक अधिकारों में और अधिक कटौती करने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के पिछले 11 वर्षों के शासनकाल में मजदूर वर्ग पर हमले लगातार तेज हुए हैं और यह कानून पूरी तरह से कॉरपोरेट और मालिक वर्ग के हित में बनाया गया है।
नेतृत्वकारियों ने कहा कि लेबर कोड्स मजदूरों के खिलाफ सरकार का खुला युद्ध है, जिसे मेहनतकश वर्ग किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेगा। मजदूर संगठन इसके झूठे प्रचार का पर्दाफाश करते हुए देशव्यापी आम हड़ताल को पूरी मजबूती के साथ सफल बनाएंगे।
बैठक में हड़ताल की तैयारी को लेकर कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय की गई। नेताओं ने बताया कि 4 फरवरी को मजदूर संगठनों का संयुक्त कार्यकर्ता कन्वेंशन आयोजित किया जाएगा। 6 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हड़ताल के मुद्दों को जनता के सामने रखा जाएगा। 10 फरवरी को माइक प्रचार के साथ-साथ प्रमुख चौक-चौराहों पर नुक्कड़ सभाएं की जाएंगी। वहीं, 11 फरवरी को तिलकामांझी की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए तिलकामांझी चौक पर सभा का आयोजन किया जाएगा।

































