आम लोगों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। राज्य सरकार आवास बोर्ड की वर्षों से खाली पड़ी सरकारी जमीनों का उपयोग कर आधुनिक सुविधाओं से लैस नए आवासीय परिसर विकसित करने जा रही है। निर्माण कार्य को तय समय सीमा में पूरा करने और इसकी गुणवत्ता को विश्वस्तरीय बनाने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिष्ठित कंपनी NBCC का तकनीकी सहयोग लिया जा रहा है। बुनियादी सुविधाओं से युक्त इन मकानों के बनने से जहां मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों को बजट में अपना आशियाना मिलेगा, वहीं शहरों का योजनाबद्ध विकास भी तेज होगा।
न्यूज स्कैन ब्यूरो, पटना
राज्य के शहरी क्षेत्रों में लोगों को बेहतर और किफायती आवास उपलब्ध कराने के लिए सरकार एक बड़ी पहल करने जा रही है। इसके तहत आवास बोर्ड की वर्षों से खाली पड़ी सरकारी जमीनों का उपयोग कर नए आवासीय परिसर विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। इस कवायद का मुख्य उद्देश्य विभिन्न आय वर्गों के लोगों को किफायती और आधुनिक सुविधाओं से युक्त घर उपलब्ध कराना है, जिससे खाली पड़ी जमीन का बेहतर उपयोग होगा और शहरों का योजनाबद्ध विकास भी तेज होगा। नगर विकास एवं आवास विभाग ने इस संबंध में प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।
सर्वे के बाद तय होगी रूपरेखा
विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, योजना के तहत सबसे पहले आवास बोर्ड की खाली जमीन की पहचान की जाएगी। इसके बाद संबंधित भूखंडों का विस्तृत सर्वे कर यह तय किया जाएगा कि कहां और कितने आवास बनाए जा सकते हैं। सर्वे के आधार पर परियोजनाओं की अनुमानित लागत भी तैयार की जाएगी। इसके बाद एक ठोस कार्ययोजना बनाकर निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस पहल से शहरी क्षेत्रों में आवास की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
सुव्यवस्थित आवासीय परिसर और बुनियादी सुविधाएं
इस योजना के तहत विकसित किए जाने वाले नए आवासीय परिसरों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
इनमें आम जन की सहूलियत के लिए निम्नलिखित बुनियादी सुविधाएं शामिल होंगी :-
आधुनिक सड़कें
पेयजल
बिजली
जल निकासी
पार्क और अन्य नागरिक सुविधाएं
खाली और अनुपयोगी पड़े पुराने आवासों की भी बदलेगी सूरत
सरकार सिर्फ नए निर्माण तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पहले से बने लेकिन लंबे समय से खाली या अनुपयोगी पड़े आवासों के भी बेहतर उपयोग की दिशा में काम कर रही है। सूत्रों के अनुसार, ऐसे आवासों के रखरखाव और आवश्यक मरम्मत की योजना बनाई जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोगों को रहने की सुविधा मिल सके।
एनबीसीसी (NBCC) देगा तकनीकी सहयोग
राज्य में प्रस्तावित इन आवासीय परियोजनाओं को गति देने के लिए केंद्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रम एनबीसीसी इंडिया लिमिटेड का तकनीकी सहयोग लिया जा सकता है। परियोजनाओं के क्रियान्वयन, तकनीकी सहायता और निवेश के विभिन्न पहलुओं पर वर्तमान में चर्चा चल रही है।
एनबीसीसी को देशभर में उच्च गुणवत्ता वाले निर्माण कार्य और परियोजना प्रबंधन के लिए जाना जाता है।
इसके अनुभव का लाभ लेकर आवासीय परियोजनाओं की बेहतर योजना बनाई जा सकेगी।
समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।
आधुनिक आधारभूत संरचना विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा।
इससे परियोजनाओं की गुणवत्ता और कार्यन्वयन क्षमता में भी सुधार आने की उम्मीद है।
सूत्रों के अनुसार, इस संबंध में एनबीसीसी के साथ एक दौर की बैठक भी पूरी हो चुकी है।
अगला कदम
अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही भूमि को चिह्नित करने का काम पूरा हो जाएगा और परियोजना की कुल लागत तय कर ली जाएगी, उसके तुरंत बाद परियोजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इससे शहरी विकास को नई गति मिलने के साथ ही आम लोगों का अपने घर का सपना पूरा करने में भी मदद मिलेगी।
































