न्यूज स्कैन ब्यूरो, भागलपुर
अपना आशियाना बनाने का सपना देख रहे लोगों के लिए एक झटके वाली खबर है। देश के सबसे बड़े टाइल्स हब मोरबी (गुजरात) से आई कीमतों में बढ़ोतरी की लहर अब बिहार के बाजारों तक पहुँच गई है। निटको टाइल्स (Nitco Tiles) के भागलपुर डिस्ट्रीब्यूटर धीरज बाजोरिया के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे माल और ऊर्जा संकट के कारण अब टाइल्स की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे निर्माण क्षेत्र की लागत काफी बढ़ जाएगी।
क्यों बढ़ी कीमतें? धीरज बाजोरिया का विश्लेषण
बाजार की मौजूदा स्थिति पर रोशनी डालते हुए धीरज बाजोरिया ने बताया कि कीमतों में यह वृद्धि अचानक नहीं है। उन्होंने कहा, “वैश्विक स्तर पर गैस की कीमतों में जो बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है, उसने टाइल्स निर्माताओं की कमर तोड़ दी है। उत्पादन लागत इतनी बढ़ गई है कि मोरबी एसोसिएशन के पास दाम बढ़ाने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे माल की सप्लाई चेन प्रभावित होने का सीधा असर अब हमारे स्थानीय बाजार और आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है।”
नई दरें और बदलाव: एक नजर में
मोरबी सिरेमिक मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के फैसले के बाद 15 अप्रैल 2026 से नई दरें प्रभावी हो गई हैं:
GVT (ग्लेज्ड विट्रिफाइड टाइल्स): ₹8.00 प्रति स्क्वायर फीट की सीधी बढ़ोतरी।
डबल चार्ज टाइल्स: ₹7.00 प्रति स्क्वायर फीट का इजाफा।
निर्माण क्षेत्र पर पड़ेगा बड़ा असर
धीरज बाजोरिया ने संकेत दिए कि ₹7 से ₹8 प्रति स्क्वायर फीट की यह बढ़ोतरी दिखने में छोटी लग सकती है, लेकिन बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए, जो अपना घर बना रहे हैं, यह बजट बिगाड़ने वाला साबित होगा।
बाजार में अब माल की नई खेप इन्हीं बढ़ी हुई दरों और नई शर्तों के साथ उपलब्ध होगी। निश्चित तौर पर इससे मकान निर्माण के बजट पर असर पड़ेगा।































