नगर निकायों की स्थायी समितियों के गठन में भी बदलाव, अब गुप्त मतदान से होगा चयन
न्यूज स्कैन ब्यूरो, पटना
राज्य सरकार ने नियुक्ति प्रक्रिया में एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए बोर्ड, निगम, प्राधिकरण और विभिन्न सरकारी कंपनियों से कर्मचारियों की सीधी भर्ती का अधिकार वापस ले लिया है। अब इन संस्थाओं में होने वाली नियुक्तियां राज्य स्तरीय चयन एजेंसियों के माध्यम से की जाएंगी, ताकि प्रक्रिया में एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
विधानसभा में पारित संशोधन के अनुसार, तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों श्रेणियों के पदों पर बहाली अब कर्मचारी चयन आयोग और तकनीकी सेवा आयोग के जरिए होगी। इससे पहले कई संस्थाओं को अपने स्तर पर नियुक्ति करने की अनुमति थी, जिस पर समय-समय पर पक्षपात और अनियमितता के आरोप लगते रहे हैं।
इसके अतिरिक्त, नगरपालिकाओं की स्थायी समितियों के गठन की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है। अब समिति के सदस्यों का मनोनयन सीधे पदाधिकारियों द्वारा नहीं, बल्कि संबंधित पार्षदों के बीच गुप्त मतदान के जरिए किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य निर्णय-प्रक्रिया में लोकतांत्रिक भागीदारी को बढ़ाना और व्यक्तिगत प्रभाव को सीमित करना बताया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि केंद्रीकृत भर्ती प्रणाली से न सिर्फ चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी, बल्कि नियुक्तियों में देरी और प्रशासनिक असंगतियों को भी कम किया जा सकेगा। साथ ही, स्थायी समितियों के गठन में नई मतदान व्यवस्था से स्थानीय निकायों में जवाबदेही और संतुलन की स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है।


























