- कॉपी–किताब–कलम वितरण कर पूरे जिले में बना चर्चा का विषय
न्यूज स्कैन ब्यूरो, कैमूर
कैमूर पहाड़ी की गोद में बसे भगवानपुर प्रखंड क्षेत्र के दुलहपुर गांव में एक युवा द्वारा महादलित बस्ती के बच्चों के लिए किया जा रहा प्रयास आज पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है। गांव की महादलित बस्ती में रहने वाले लगभग 100 बच्चों के बीच कॉपी, किताब और कलम का वितरण कर इस युवक ने शिक्षा की अलख जगाने का सराहनीय कार्य किया है।
इस नेक पहल की अगुवाई कर रहे मोहन कुमार का कहना है कि आज भी कैमूर जिले के कई सुदूरवर्ती गांव ऐसे हैं, जहां गरीब और महादलित परिवारों के बच्चों को शिक्षा के लिए समुचित संसाधन उपलब्ध नहीं हो पाते। नतीजतन, बच्चे पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं। इसी पीड़ा को समझते हुए उन्होंने यह संकल्प लिया कि जहां तक संभव होगा, वह ऐसे बच्चों की मदद करते रहेंगे।
मोहन कुमार विशेष अवसरों जैसे स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर महादलित बस्तियों में जाकर जरूरतमंद बच्चों के बीच कॉपी, किताब और पेन का वितरण करते हैं। उनका कहना है कि कई परिवारों की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर है कि बच्चों के लिए बुनियादी शैक्षणिक सामग्री भी जुटा पाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे घरों तक पहुंचकर बच्चों को पढ़ाई का साधन देना ही उनका उद्देश्य है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
गौरतलब है कि कैमूर पहाड़ी क्षेत्र में आज भी दर्जनों ऐसे गांव हैं, जहां न तो स्कूल की पर्याप्त व्यवस्था है और न ही शिक्षा से जुड़ी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। कई इलाकों में अब तक शिक्षा की सरकारी योजनाएं प्रभावी ढंग से नहीं पहुंच पाई हैं। ऐसे हालात में मोहन कुमार जैसे युवाओं का प्रयास उन बच्चों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आया है।
स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने मोहन कुमार के इस कार्य की खुले दिल से सराहना की है। लोगों का कहना है कि यदि ऐसे प्रयासों को प्रशासन और समाज का सहयोग मिले, तो सुदूर इलाकों में भी शिक्षा की तस्वीर बदली जा सकती है। आज मोहन कुमार का यह प्रयास न केवल दुलहपुर गांव, बल्कि पूरे कैमूर जिले में प्रेरणा का विषय बन चुका है।

































