सुपौल को दो नए जंक्शन की सौगात, होगा रेल बाइपास का सीआरएस निरीक्षण

न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल

जिले के लिए शुक्रवार का दिन रेल विकास के लिहाज से ऐतिहासिक दिन साबित हो सकता है। सहरसा–दरभंगा रेलखंड के अंतर्गत निर्मली–थरबिटिया सेक्शन में बने न्यू झाझा जंक्शन से बैजनाथपुर अंदौली जंक्शन तक नवनिर्मित रेल बाइपास का कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम सहित वरीय रेल अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
करीब 4.2 किलोमीटर लंबी इस नई रेल लाइन का निरीक्षण सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया जाएगा। सीआरएस से पहले रेलवे प्रशासन ने स्टेशन परिसर, ट्रैक, सिग्नलिंग सिस्टम और तकनीकी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया है। न्यू झाझा जंक्शन के स्टेशन मास्टर के अनुसार सीआरएस को लेकर सभी विभागों को अलर्ट पर रखा गया है और सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
सीआरएस निरीक्षण के दौरान सबसे पहले इस बाइपास लाइन पर मालगाड़ी का परिचालन कराया जाएगा। इससे ट्रैक की मजबूती, सुरक्षा और व्यावहारिक क्षमता की जांच की जाएगी। सीआरएस से हरी झंडी मिलने के बाद मालगाड़ियों के नियमित संचालन की अनुमति दी जाएगी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से सहरसा–दरभंगा समेत अन्य मार्गों पर चलने वाली लंबी दूरी की यात्री ट्रेनों के परिचालन की संभावना है।
रेल बाइपास के चालू होने से जहां रेल यातायात को गति मिलेगी। सुपौल जिले के समग्र विकास को भी नया आयाम मिलेगा। न्यू झाझा जंक्शन और बैजनाथपुर अंदौली जंक्शन के आसपास बसे गांवों के लिए यह परियोजना किसी वरदान से कम नहीं है। इन जंक्शनों पर ट्रेनों के ठहराव से स्थानीय लोगों को रोजगार, व्यापार और आवागमन की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।