10 वें बेसिक रिक्रूट ट्रेनिंग कोर्स के दीक्षांत परेड का हुआ समापन

न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल

सशस्त्र सीमा बल के सुपौल स्थित रिक्रूट प्रशिक्षण केंद्र में मंगलवार 10 वें बेसिक रिक्रूट ट्रेनिंग कोर्स का दीक्षांत परेड समारोह गरिमा एवं अनुशासन के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर सोमित जोशी, महानिरीक्षक, बल मुख्यालय, सशस्त्र सीमा बल, नई दिल्ली ने मुख्य अतिथि के रूप में परेड की सलामी ली।
इस गरिमामय समारोह में संजय कुमार शर्मा, उप महानिरीक्षक, रिक्रूट प्रशिक्षण केंद्र, सुपौल सहित सशस्त्र सीमा बल एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान परेड में निशान टुकड़ी का आगमन हुआ, जिसके उपरांत नव आरक्षियों ने राष्ट्र के प्रति अपनी निष्ठा एवं कर्तव्यपरायणता की शपथ ली। प्रशिक्षुओं द्वारा प्रस्तुत सुसंगठित एवं प्रभावशाली मार्च-पास्ट ने परेड ग्राउंड में उपस्थित दर्शकों को अत्यंत प्रभावित किया। इसके पश्चात मुख्य अतिथि सोमित जोशी, महानिरीक्षक द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान नव आरक्षियों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न शारीरिक एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनों ने सभी का मन मोह लिया। इनमें सामूहिक पीटी, मल्लखंभ, वॉल्टिंग हॉर्स तथा बेयोनट फाइटिंग जैसे आकर्षक प्रदर्शन शामिल रहे।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि सोमित जोशी, महानिरीक्षक ने कहा कि सशस्त्र सीमा बल देश की सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ आंतरिक सुरक्षा, शांति स्थापना एवं मानवीय सहायता कार्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल एवं भारत-भूटान सीमाओं पर सशस्त्र सीमा बल की सतर्क एवं प्रभावी उपस्थिति राष्ट्र की संप्रभुता एवं सुरक्षा को सुदृढ़ बनाती है।
यह दीक्षांत समारोह न केवल नव आरक्षियों के लिए गौरव का क्षण रहा, बल्कि संपूर्ण क्षेत्र के लिए भी एक प्रेरणास्पद आयोजन सिद्ध हुआ। इस अवसर पर सुपौल एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नागरिक, जनप्रतिनिधि, विद्यालयों के छात्र-छात्राएँ तथा गणमान्य व्यक्तियों ने सहभागिता कर इस ऐतिहासिक समारोह के साक्षी बने।
दीक्षांत परेड समारोह ने विशेष रूप से सीमावर्ती एवं ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया, यह दर्शाते हुए कि अनुशासन, समर्पण एवं साहस के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।