बिहार के गांवों में अब ‘मिनी सचिवालय’: 233 पंचायतों में बन रहे ‘सरकार भवन’, ब्लॉक के चक्कर लगाने से मिलेगी मुक्ति

न्यूज स्कैन ब्यूरो, पटना
बिहार के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। अब छोटे-मोटे सरकारी काम, प्रमाण पत्र या योजनाओं की जानकारी के लिए उन्हें प्रखंड (ब्लॉक) या जिला मुख्यालय दौड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी। राज्य सरकार 233 ग्राम पंचायतों में ‘पंचायत सरकार भवन’ शुरू करने जा रही है, जो गांवों में एक ‘मिनी सचिवालय’ की तरह काम करेंगे। सरकार ने तेजी से भवन निर्माण के लिए निर्देश दिए हैं। सरकार का लक्ष्य पूरे बिहार की 8,053 पंचायतों में ऐसी सुविधा देने का है। फिलहाल पहले चरण में 233 भवनों का काम चल रहा है, जिनमें से 37 बनकर पूरी तरह तैयार हैं और 196 पर काम अंतिम चरण में है।

क्या है ‘पंचायत सरकार भवन’ का कॉन्सेप्ट?
भवन निर्माण विभाग जल्द ही इन इमारतों को पंचायती राज विभाग को सौंपने वाला है। इसका मुख्य उद्देश्य ‘सरकार आपके द्वार’ की तर्ज पर गांव के भीतर ही सारी प्रशासनिक सुविधाएं मुहैया कराना है। इन भवनों में मुखिया, पंचायत सचिव और कार्यपालक सहायक जैसे जिम्मेदार अधिकारी नियमित रूप से बैठेंगे।

आम जनता को मिलेंगे ये 4 बड़े फायदे:
दस्तावेजों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा: जाति, आय, आवासीय, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अब ग्रामीणों को मीलों का सफर तय नहीं करना होगा। ये सारी सुविधाएं अब पंचायत भवन में ही मिलेंगी।
योजनाओं का लाभ और सुनवाई: वृद्धावस्था पेंशन हो या राशन कार्ड में नाम जुड़वाना, इन सभी कामों के लिए आवेदन और सुनवाई गांव में ही हो सकेगी। कृषि और स्वास्थ्य विभाग के कर्मी भी यहाँ उपलब्ध रहेंगे।

पारदर्शिता और जवाबदेही
इन भवनों में ग्राम सभा की बैठकों के लिए एक तय जगह होगी। अधिकारियों के बैठने का स्थान निश्चित होने से उनकी जवाबदेही तय होगी और कोई नदारद रहा तो उसकी शिकायत करना आसान होगा।

समय और पैसे की बचत
गांव में ही काम होने से गरीब और मजदूर वर्ग का वह पैसा और समय बचेगा, जो पहले ब्लॉक आने-जाने में खर्च होता था।