न्यूज स्कैन ब्यूरो खगड़िया/गोगरी।

परबत्ता विधानसभा क्षेत्र के गोगरी प्रखंड स्थित भगवान उच्च विद्यालय के मैदान में शनिवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की जनसभा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। मैदान खचाखच भरा रहा और लोगों में महागठबंधन के पक्ष में जबरदस्त उत्साह देखा गया।इस मौके पर मंच पर वीआईपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी, कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम और माले दलों के कई वरिष्ठ नेता एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थे। तेजस्वी यादव यहां राजद प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार के पक्ष में चुनावी सभा को संबोधित करने पहुंचे थे।तेजस्वी यादव ने अपने संबोधन में जनता से डॉ. संजीव कुमार को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिहार को अब बदलाव की जरूरत है, युवाओं की सरकार की जरूरत है। अगर हमारी सरकार बनती है तो जिस घर में नौकरी नहीं है, उस घर के एक सदस्य को रोजगार देने का काम किया जाएगा।उन्होंने मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। बिना घूस दिए किसी कार्यालय में कोई काम नहीं होता, यहां तक कि मृत्यु प्रमाण पत्र भी बिना चढ़ावा के नहीं बनता।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए तेजस्वी ने कहा कि ये लोग देश को बांटने का काम कर रहे हैं।

अब समय आ गया है कि बिहार में जनता अपने भविष्य के लिए एकजुट होकर महागठबंधन को मजबूत करे।भीड़ में मौजूद युवाओं को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने वादा किया कि महागठबंधन की सरकार बनने पर हर योग्य युवा को रोजगार देने का काम किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि परबत्ता क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं — टोपो लोड और गैरमजरूआ जमीन विवाद — का समाधान सरकार बनते ही प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।तेजस्वी ने कहा जब आप डॉ. संजीव कुमार को वोट देंगे, समझिए आप तेजस्वी यादव को ही जिताएंगे। हमारी सरकार आने पर भयमुक्त बिहार और विकासशील परबत्ता का निर्माण किया जाएगा।करीब 15 मिनट के संबोधन में तेजस्वी यादव ने परबत्ता की जनता से कई वादे किए और 6 नवंबर को एक-एक कीमती मत देकर महागठबंधन के प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार को विजयी बनाने की अपील की।सभा का संचालन राजद के वरिष्ठ नेता कैलाश चंद्र यादव ने किया।

इस दौरान मंच पर वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी, आई.पी. गुप्ता, उर्मिला ठाकुर, अशोक यादव, चंद्र भास्कर, शंभू यादव, मो. अवु अंसारी उर्फ गुदर सेठ, नरेन्द्र यादव समेत कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम और माले के कई नेताओं की उपस्थिति रही।
































