न्यूज स्कैन ब्यूरो,अररिया
सामान्यतया साइबर ठगी मामले में ठगों के द्वारा पैसे की ठगी करने के बाद वापसी की संभावना काफी कम रहती है।लेकिन अररिया साइबर थाना पुलिस ने तीन माह बाद साइबर ठगी के शिकार हुए पीड़ित को 15 लाख 62 हजार 201 रुपैया वापस उसके खाते में दिलवा दिया।साइबर थाना पुलिस की ओर से सकारात्मक रूप से किए गए प्रयास के बाद मिले पैसे से जहां पीड़ित खाताधारक ने राहत की सांस ली,वहीं उन्होंने अररिया जिला पुलिस की तत्परता से वापस मिले रकम पर पुलिस के प्रति आभार प्रकट किया।एसपी अंजनी कुमार ने मंगलवार शाम अपने कार्यालय में यह जानकारी दी।
एसपी अंजनी कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि 18.06.2025 को भरगामा के खजुरी निवासी पवन कुमार पिता श्याम सुंदर यादव ने अररिया साइबर थाना को एक आवेदन दिया था। जिसमें उन्होंने फारबिसगंज के अड़राहा एक्सिस बैंक खाते से 15 लाख 62 हजार 201 रूपये की अवैध रूप से मोबाइल नंबर बदलकर निकासी कर लेने की बात कही थी।मामले की गंभीरता को देखते हुए अररिया साइबर थाना में प्राथमिकी कांड संख्या 19/2025 दिनांक 18.06.2025 धारा 318(4),319(2),336(3),338,340(2),316(2) बीएनएस के अंतर्गत दर्ज किया गया था।मामले के अनुसंधान को लेकर साइबर डीएसपी सह साइबर थानाध्यक्ष रजिया सुल्ताना के नेतृत्व में साइबर थाना की एक टीम का गठन किया गया। टीम के द्वारा वैज्ञानिक एवं तकनीकी अनुसंधान के साथ साक्ष्य संकलन कर मामले में सात आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में बैंककर्मी भी शामिल है।
एसपी ने बताया कि मामले में अमोद लहोटिया,प्रकाश कुमार मंडल,राजू रंजन,यश कुमार,योगेन्द्र कुमार मेहता,रसिक लाल मेहता और वरुण किशोर ठाकुर को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेजने का काम किया।एसपी ने बताया कि पुलिस लगातार मामले की अनुसन्धान में लगी थी और पुलिस की तत्परता और प्रयास से प्रीत पवन कुमार को उनके खाते से अवैध रूप से निकासी की गई पूरी राशि 15 लाख 62 हजार 201 रूपये उनके खाते में वापस कर दी गई है।
छापेमारी दल में साइबर डीएसपी सह साइबर थाना के थानाध्यक्ष रजिया सुल्ताना,सब इंस्पेक्टर सरोज कुमार,कुंदन कुमार,मनीषा कुमारी और डाटा इंट्री ऑपरेटर दीपक कुमार दास शामिल रहे।
इधर वैध रूप से खाते से निकासी की गई 15 लाख 62 हजार 201 रूपये के वापस खाते में लौटने पर पीड़ित पवन कुमार ने अररिया जिला पुलिस के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि वह और उसके परिवार वालों ने पैसे की वापसी को लेकर सारी उम्मीदें को दी थी, लेकिन अररिया एसपी और साइबर थाना पुलिस की तत्परता और प्रयास से उनकी रकम वापस हो गई।
पुलिस की तत्परता से साइबर ठगी के शिकार पीड़ित को तीन माह बाद वापस मिला 15.62 लाख रूपये
































