न्यूज़ स्कैन डेस्क, पटना
बिहार की राजनीति एक बार फिर तेज प्रताप यादव के इर्द-गिर्द घूम रही है। लेकिन इस बार चर्चा का केंद्र उनकी राजनीतिक बयानों की नहीं बल्कि राजनीतिक हैसियत की है। आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने जमुई में एक कार्यक्रम के दौरान साफ शब्दों में कहा कि, “तेज प्रताप यादव का अब पार्टी में कोई अस्तित्व नहीं है। लालू प्रसाद यादव ने उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निकाल दिया है और तेजस्वी यादव के सामने किसी की कोई औकात नहीं।”
“टिकट नहीं मिला तो पार्टी हरा देंगे”…इस बयान पर भी तंज
मीडिया ने जब तेज प्रताप यादव के कथित बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि “अगर महुआ से टिकट नहीं मिला तो पार्टी को हरा देंगे,” इस पर मंगनी लाल मंडल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “जब चुनाव आएगा, तब देखा जाएगा। जो पार्टी में है ही नहीं, उसके बारे में क्या कहें? जब पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है तो टिकट देने का सवाल ही नहीं उठता। अगर तेज प्रताप आज भी राजद की टोपी पहन रहे हैं तो यह उनका निजी अभिनय हो सकता है।”
पार्टी और परिवार, दोनों से निष्कासित
लालू प्रसाद यादव ने कुछ सप्ताह पहले सार्वजनिक रूप से अपने बड़े बेटे तेज प्रताप को पार्टी और परिवार दोनों से निष्कासित करने की घोषणा की थी। सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक पोस्ट में तेजप्रताप अनुष्का यादव के साथ दिखे थे। इसके बाद काफी बवाल हुआ। यहीं से इस राजनीतिक विवाद की भी शुरूआत हुई। , जिसमें तेज प्रताप एक युवती के साथ दिखे, ने इस पूरे घटनाक्रम को जन्म दिया। पोस्ट के बाद लालू ने यह स्पष्ट किया कि “तेज प्रताप का व्यवहार न तो पारिवारिक मूल्यों के अनुरूप है और न ही राजनीतिक मर्यादाओं के। इसलिए, अब से उनकी कोई भूमिका पार्टी या परिवार में नहीं होगी।”
तेज प्रताप की सफाई और बयानबाज़ी
हालांकि, इस पोस्ट के बाद तेज प्रताप ने सफाई देते हुए लिखा था कि उनका अकाउंट हैक किया गया था और उन्हें बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा था, “मेरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को हैक किया गया है और मेरी तस्वीरों को एडिट कर मेरी छवि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।” लेकिन फिर बाद में तेजप्रताप आक्रामक भी हुए और कहा, पिताजी सोशल मीडिया नहीं चलाते हैं। इस साजिश के पीछे जो भी है उसे बेनकाब करेंगे।
राजद में नेतृत्व की लड़ाई या अस्तित्व की जद्दोजहद?
यह घटनाक्रम सिर्फ एक पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि आरजेडी की अंदरूनी राजनीति का आईना भी है। जहां एक तरफ तेजस्वी यादव को संगठन का सर्वमान्य चेहरा बनाने की कोशिश की जा रही है, वहीं तेज प्रताप अपनी स्वतंत्र राजनीतिक छवि और अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। राजद प्रदेश अध्यक्ष द्वारा दिया गया यह बयान स्पष्ट संकेत है कि अब पार्टी में “तेजस्वी वन मैन शो” की राह पर बढ़ रही है, और उसमें तेज प्रताप के लिए जगह कम होती जा रही है। वहीं तेजप्रताप ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मंगनीलाल मंडल की मानसिक स्थिति को खराब कहा है।

































