सदर अस्पताल से गायब नवजात बच्चा का 3 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग, परिजनों के सब्र का टूटने लगा बांध , सदर अस्पताल परिसर में किया हंगामा

न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल

सदर अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड से बुधवार की दोपहर गायब हुए नवजात शिशु का शुक्रवार तीसरे दिन भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। पुलिस लगातार सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, लेकिन 72 घंटे बीत जाने के बाद भी टीम खाली हाथ है। मामले में अस्पताल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नवजात के परिजनों का सब्र का बांध अब टूटने लगा है। नाराज परिजन शुक्रवार को सदर अस्पताल परिसर में हंगामा किया और प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने किसी तरह परिजनों को समझाने की कोशिश की लेकिन आक्रोशित परिजन ने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि शाम तक बच्चे की बरामदगी नहीं हुई तो हंगामा और सड़क जाम भी करेंगे।
मधुबनी जिले के लोकही थाना क्षेत्र के पिपराही वार्ड 13 निवासी देवेंद्र प्रसाद मंडल ने बताया कि उनकी पत्नी फूल कुमारी ने 7 दिसंबर को निर्मली अनुमंडल अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। जन्म के कुछ ही घंटे बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर उसे सदर अस्पताल सुपौल रेफर किया गया। उसी दिन एसएनसीयू में बच्चा को भर्ती किया गया था।
देवेंद्र मंडल ने बताया कि 10 दिसंबर की दोपहर करीब 2 बजे अस्पताल कर्मियों ने बताया कि बच्चा वार्ड से गायब हो गया है। जिसके बाद लगातार नवजात बच्चा का खोजबीन किया जा रहा है, लेकिन तीन दिन बीत गए हैं प्रशासन द्वारा सिर्फ जांच का आश्वासन दिया जा रहा है।पीड़ित देवेंद्र मंडल ने कहा कि हमारा बच्चा कहाँ है इसकी कोई जानकारी नहीं दे पा रहे हैं।
परिजनों ने एसएनसीयू वार्ड में तैनात कर्मी पर बच्चा गायब करने में संलिप्तता का आरोप लगाते हुए कहा कि बच्चा गायब करने में अस्पताल कर्मियों की भूमिका हो सकती है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि बच्चे की जल्द बरामदगी नहीं होने पर वे कड़ा आंदोलन करेंगे। नवजात के गायब होने के मामले को लेकर देवेंद्र मंडल ने सदर थाना में मामला भी दर्ज कराया है।
इधर सदर थाना पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की जा रही है और कई बिंदुओं पर पड़ताल जारी है। हालांकि अभी तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। हालांकी पुलिस फिलहाल कैमरे पर कुछ भी बोलने से परहेज कर रही है।
इधर इस मामले को लेकर पूछे जाने पर सीएस डॉक्टर ललन ठाकुर ने बताया कि बच्चा गायब होने के दिन ही मामले कि सुचना पुलिस को दे दी गई थी, इधर इस मामले में डॉक्टर और स्टॉफ कि लापरवाही को लेकर पांच सदस्यों का टीम गठित किया गया है, जांच रिपोर्ट समर्पित होने पर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी.