- चार बच्चों की देखरेख की समीक्षा, 60 बच्चों वाले वृहद आश्रय गृह का भी लिया जायजा
न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल
जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में जिलास्तरीय निरीक्षण समिति ने शनिवार को बाल देखरेख संस्थानों का त्रैमासिक निरीक्षण किया। निरीक्षण की शुरुआत पिपरा रोड स्थित यादव कॉम्प्लेक्स में संचालित विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान से की गई, जहां वर्तमान में चार बच्चे आवासित हैं। डीएम ने बच्चों की परवरिश, देखरेख एवं गोद लेने से जुड़े मामलों की प्रगति का आकलन किया।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने मौजूद चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जिले के सभी अस्पतालों को यह स्पष्ट निर्देश जारी किया जाए कि जन्म के बाद परित्यक्त बच्चों की सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें। डीएम ने कहा कि किसी भी बच्चे को गोद देने की प्रक्रिया विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान के माध्यम से ही की जाएगी। किसी भी अस्पताल द्वारा अवैध तरीके से गोद देने की कार्रवाई कानूनन अपराध है और इसके लिए कठोर दंड का प्रावधान है।
दत्तक ग्रहण संस्थान के बाद निरीक्षण समिति ने चैनसिंहपट्टी स्थित वृहद आश्रय गृह का निरीक्षण किया, जहां दो बाल गृहों में 60 बच्चे आवासित हैं। समिति ने बाल गृहों की स्वच्छता, सुरक्षा, भोजन, शिक्षा एवं स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं की सराहना की। बच्चों से बातचीत कर उनके लिए उपलब्ध सेवाओं की गुणवत्ता का भी आकलन किया गया।
समिति ने यह भी निर्देश दिया कि अनाथ, बेसहारा एवं परित्यक्त बच्चों को उनके परिवार में पुनर्वास की संभावनाओं का शीघ्र मूल्यांकन किया जाए और इससे संबंधित कानूनी प्रक्रिया समय पर पूरी की जाए।
निरीक्षण के दौरान डीएम के साथ सहायक निदेशक बाल संरक्षण, सिविल सर्जन, सर्वशिक्षा अभियान के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष एवं अन्य सदस्य मौजूद थे।

































