हड़ताली राजस्व कर्मचारियों पर गिरेगी गाज, मंत्री दिलीप जायसवाल का 24 घंटे का अल्टीमेटम, काम पर नहीं लौटे तो होंगे सस्पेंड

बिहार के अंचल कार्यालयों में जमीन से जुड़े कामकाज ठप होने से नाराज सरकार ने अब कड़ा रुख अपना लिया है। राज्य के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने सामूहिक अवकाश और हड़ताल पर गए अमीनों और राजस्व कर्मचारियों को 24 घंटे के भीतर ड्यूटी पर लौटने का सख्त आदेश दिया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि तय समय सीमा के भीतर काम पर नहीं लौटने वाले कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया जाएगा और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी।

न्यूज स्कैन ब्यूरो, पटना
पिछले कई दिनों से राजस्व कर्मचारियों और अमीनों की हड़ताल के कारण पूरे राज्य के अंचल कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह से ठप पड़ा है। दाखिल-खारिज, जमीन की मापी और आय, जाति व निवास प्रमाण-पत्र बनवाने जैसे जरूरी कार्यों के लिए आम नागरिकों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। विभागीय कार्यों और आम जनजीवन पर पड़ रहे इस असर को देखते हुए सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है।

मांगें मान लिए जाने के बाद भी अड़े हैं कर्मचारी
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि कर्मचारियों की समस्याओं को सुलझाने के लिए 14 अक्टूबर 2026 को मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल की अध्यक्षता में अमीन संघ के प्रतिनिधियों के साथ एक अहम बैठक हुई थी। इस वार्ता में संघ की जायज मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई करने और नियमानुकूल मांगों को स्वीकार करने का भरोसा दिया गया था। विभाग का कहना है कि मांगों पर समयबद्ध तरीके से पहल किए जाने के बावजूद, कुछ अमीनों और कर्मचारियों ने अब तक अपना सामूहिक अवकाश या हड़ताल खत्म नहीं की है। वे अपने कार्यस्थल पर उपस्थित नहीं हो रहे हैं, जो सीधे तौर पर विभागीय प्राथमिकताओं और जनहित के कार्यों में बाधा डाल रहा है।

24 घंटे का अल्टीमेटम, सस्पेंशन की चेतावनी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर सचिव अमित कुमार पांडेय ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि हड़ताल पर गए सभी अमीन इस विज्ञप्ति के जारी होने के 24 घंटे के भीतर अपने संबंधित अंचल कार्यालयों में अनिवार्य रूप से योगदान दें। अगर कोई कर्मचारी 24 घंटे के भीतर काम पर नहीं लौटता है, तो इसे ‘बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली’ का गंभीर उल्लंघन और अनाधिकृत अनुपस्थिति माना जाएगा। ऐसे अनुपस्थित कर्मचारियों को ‘बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली’ के तहत तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया जाएगा।

लागू होगा ‘नो वर्क, नो पे’ का नियम
सरकार ने हड़ताली कर्मचारियों को आर्थिक मोर्चे पर भी सख्त संदेश दिया है। अपर सचिव ने स्पष्ट किया है कि जितने दिन कर्मचारी सामूहिक अवकाश या हड़ताल पर रहे हैं, उस अवधि का कोई भी वेतन उन्हें नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा, काम पर नहीं आने की इस अवधि को सर्विस ब्रेक माना जाएगा, जिसका सीधा असर उनके भविष्य के प्रमोशन और अन्य सरकारी लाभों पर पड़ सकता है। सरकार के इस कड़े रुख के बाद अब देखना यह है कि हड़ताली अमीन और राजस्व कर्मचारी तय समय सीमा के भीतर काम पर लौटते हैं या सरकार के साथ उनका टकराव और बढ़ता है।