जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भारतीय जनता पार्टी पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। भागलपुर दौरे पर पहुंचे पीके ने दावा किया कि जेडीयू की कमान अब नीतीश कुमार के हाथों में नहीं है, बल्कि इसे अमित शाह चला रहे हैं। उन्होंने जेडीयू के दो कद्दावर नेताओं को अमित शाह का बनडमरू करार दिया। इसके अलावा, उन्होंने बिहार में बाढ़, पीरपैंती में अडानी के पावर प्लांट और प्रदेश की राजनीति में नैरेटिव बदलने जैसे मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकार को जमकर घेरा।
न्यूज स्कैन ब्यूरो, पटना
विधान परिषद स्नातक और शिक्षक निर्वाचन के सिलसिले में भागलपुर पहुंचे प्रशांत किशोर ने जेडीयू के नाम बदलने की अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी का नाम कुछ भी हो, अब उसका कोई महत्व नहीं है। पीके ने कहा, “जेडीयू को नीतीश कुमार नहीं चला रहे हैं। नीचे दो ‘बनडमरू’ लोग बैठे हैं और असल कमान अमित शाह के पास है। अमित शाह जैसा चाहते हैं, जेडीयू में वैसा ही होता है। बीजेपी का नेतृत्व ही जेडीयू के फैसले तय कर रहा है।”
बाढ़ के मुद्दे पर पीएम मोदी और अमित शाह पर तंज
बिहार में आई भीषण बाढ़ को लेकर भी पीके ने केंद्र सरकार को आईना दिखाया। उन्होंने याद दिलाया कि 2025 के संदर्भ में अमित शाह ने कहा था कि एक बार वोट दे दो, बिहार में बाढ़ आना भूतकाल की बात हो जाएगी। पीके ने तंज कसते हुए कहा, “अब खुद अमित शाह भूत होकर गायब हो गए हैं। अगर गुजरात में बाढ़ आ जाए तो पूरी भारत सरकार और प्रधानमंत्री वहां जाकर बैठ जाएंगे, लेकिन बिहार में लाखों लोग प्रभावित हैं और प्रधानमंत्री या अमित शाह का एक बयान तक नहीं आया है। 2029 तक ये लोग अब बिहार में दिखने वाले नहीं हैं।”
अडानी के पावर प्लांट पर उठाए गंभीर सवाल
प्रशांत किशोर ने पीरपैंती में लग रहे अडानी पावर स्टेशन को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि यह प्लांट पहले एनटीपीसी (NTPC) को लगाना था, लेकिन अब इसे अडानी समूह लगा रहा है। पीके ने आरोप लगाया, “हजारों एकड़ जमीन एक रुपये में दे दी गई और बिजली का करार 8 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से हुआ है। जनता के पैसे और जमीन को दिखाकर बैंक से लोन लिया जाएगा और गुजरात के लोग इसके मालिक बन जाएंगे।”
‘जन सुराज ने बदला बिहार का नैरेटिव’
बिहार की राजनीति के बारे में बोलते हुए पीके ने कहा कि राज्य का सियासी नैरेटिव अब बदल चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने चुनाव में नैरेटिव बदलने की कोशिश की और एनकाउंटर, जाति व हत्या की राजनीति शुरू की, लेकिन जनता वापस असल मुद्दों पर आ गई है। पीके ने कहा, “जन सुराज ने पिछले तीन वर्षों में शिक्षा और रोजगार का नैरेटिव सेट कर दिया है। अब बिहार में चाहे किसी भी दल का विधायक हो, चर्चा सिर्फ इस बात पर हो रही है कि रोजगार और शिक्षा कौन देगा।”
































