न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च को पीस सेंटर ‘परिधि’ की ओर से कला केंद्र, भागलपुर में “महिला चौपाल” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और छात्राओं ने भाग लिया और समाज में महिलाओं के अधिकार, समानता, हिंसा और शांति जैसे मुद्दों पर खुलकर चर्चा की।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में महिलाओं ने अपने अनुभव और समस्याएं साझा कीं। वक्ताओं ने कहा कि आज भी महिलाएं बराबरी के अधिकार के लिए संघर्ष कर रही हैं। इस दौरान सरिता सिंह ने कहा कि कानून ने महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार दिए हैं, लेकिन समाज आज भी महिलाओं को बराबरी का दर्जा देने, अवसर देने और सम्मान देने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं है।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए सुषमा ने कहा कि महिलाएं दुनिया की आधी आबादी हैं, इसलिए उन्हें हर क्षेत्र में बराबर भागीदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने नारा दिया— “काज में आधा, राज में आधा।”
इस अवसर पर एसएम कॉलेज के संगीत विभाग की डॉ. अमृता प्रियंवदा ने अपने कविता संग्रह से “पीड़ा” कविता का पाठ कर महिलाओं की वेदना और संघर्ष को मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया। वहीं अनीता शर्मा ने विश्व में बढ़ती हिंसा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा में सबसे अधिक महिलाएं ही पीड़ित होती हैं, इसलिए धर्म, जाति या वर्चस्व के नाम पर हिंसा को खत्म होना चाहिए।

भागलपुर रेडियो से जुड़ी डॉ. अलका सिंह ने कहा कि महिला दिवस महिलाओं की उपलब्धियों और उनके लंबे संघर्ष को याद करने का दिन है। वहीं मृदुल सिंह ने अपनी कविता “ऊंची उड़ान, खुद की पहचान कब गलत हो गया; तोड़ पिंजड़ा छू लिया तो क्या गलत हो गया” सुनाकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया। कार्यक्रम में मृदुल सिंह और श्वेता शंकर ने “महिला है पुरुष पर भारी” रचना भी प्रस्तुत की।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने युद्ध के खिलाफ एक संकल्प भी लिया। महिलाओं ने कहा कि युद्ध से जलवायु संकट, महंगाई और अस्थिरता बढ़ती है तथा इसका सबसे अधिक असर महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों पर पड़ता है। इसलिए उन्होंने विश्व में तत्काल युद्धविराम की अपील की।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में महिलाओं और लड़कियों के लिए खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के विजेताओं को मुख्य अतिथि पूर्व महापौर डॉ. वीणा यादव ने पुरस्कृत किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि महिलाओं की अपनी अलग पहचान होनी चाहिए और उन्हें केवल पति या बेटे के नाम से नहीं पहचाना जाना चाहिए।

खेल प्रतियोगिताओं में बैलेंस रेस में सूफी नाज और नुसरत जहां ने प्रथम स्थान, रानी और निखत ने द्वितीय तथा मेधा प्रभा और पुष्पलता कुमारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं म्यूजिकल चेयर रेस में नुसरत जहां, साजदा खातून, ज्योति, रीता झा, लीना दास और पुष्पा ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल किया। “हंसते रहो” प्रतियोगिता में पुष्पा देवी प्रथम, रीता झा द्वितीय और सरस्वती देवी तृतीय स्थान पर रहीं।
कार्यक्रम में ज्योति खंडेलवाल, पूनम राय, वीणा सिंह, सरस्वती देवी, अमिता वर्मा, कुमकुम कुमारी, राजलक्ष्मी, शांति, अनीता शर्मा, सरिता शाह, मृदुला सिंह, दिव्या गुप्ता, रेखा देवी, एमजी शिखा, सुमित्रा देवी, उजमा कौसर, फिजा, समा परवीन, लाडली राज, प्रिया साह, सुषमा सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और छात्राएं उपस्थित थीं।


































