न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर
उच्च जातियों के सामाजिक-आर्थिक विकास को लेकर राज्य सरकार द्वारा गठित राज्य उच्च जाति विकास आयोग, बिहार की एक महत्वपूर्ण बैठक भागलपुर प्रमंडल में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता आयोग के सदस्य राजकुमार सिंह ने की। आयोग के अध्यक्ष डॉ. महाचन्द्र प्रसाद सिंह की अनुपस्थिति में यह बैठक संपन्न हुई।
बैठक का उद्देश्य उच्च जातियों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करना तथा भविष्य में उनके सर्वांगीण विकास के लिए कार्य-योजना तैयार करना था। इस दौरान भागलपुर प्रमंडल के विभिन्न जिलों से आए पदाधिकारी, बुद्धिजीवी, समाजसेवी एवं जनप्रतिनिधियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। खास तौर पर आर्थिक रूप से पिछड़े उच्च जाति वर्ग के परिवारों के सशक्तिकरण पर चर्चा केंद्रित रही।
EWS प्रमाण-पत्र को लेकर आईं समस्याएं
बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया कि पिछले कई महीनों से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लोगों को प्रमाण-पत्र बनवाने में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण कई पात्र व्यक्ति इससे वंचित रह जाते हैं।
इस संबंध में जिला पदाधिकारी, भागलपुर ने जानकारी दी कि जिले के सभी अंचलों में अब तक 99.07 प्रतिशत EWS आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। साथ ही संबंधित सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि शेष आवेदनों का भी समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जाए।
वर्ष 2025-26 के आवेदनों की स्थिति मांगी गई
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि वर्ष 2025-26 में EWS प्रमाण-पत्र से जुड़े स्वीकृत, अस्वीकृत एवं लंबित आवेदनों की अद्यतन स्थिति उपलब्ध कराने के लिए उप समाहर्ता, भागलपुर को निर्देशित किया जाए।
महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए
विचार-विमर्श के दौरान उपस्थित बुद्धिजीवियों और जनप्रतिनिधियों से कई अहम सुझाव प्राप्त हुए, जिनमें प्रमुख हैं—
वर्तमान में एक वर्ष की EWS प्रमाण-पत्र की वैधता को बढ़ाकर तीन वर्ष करने का सुझाव।
केंद्रीय विद्यालय एवं नवोदय विद्यालयों में अन्य वर्गों की तरह EWS वर्ग के बच्चों के लिए भी सीट आरक्षण की व्यवस्था।
EWS प्रमाण-पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया और मापदंडों को सरल बनाने की मांग।
राज्य सरकार की प्रतियोगी परीक्षाओं में EWS अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु सीमा पुरुषों के लिए 40 वर्ष और महिलाओं के लिए 45 वर्ष निर्धारित करने का प्रस्ताव।
जिला स्तर पर कल्याण विभाग द्वारा संचालित प्रशिक्षण संस्थानों का लाभ EWS अभ्यर्थियों को भी देने का सुझाव।
बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा में सफल EWS अभ्यर्थियों को ₹50,000 (पचास हजार रुपये) की प्रोत्साहन राशि देने की अनुशंसा।
राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना
बैठक को संबोधित करते हुए सदस्य राजकुमार सिंह ने कहा कि राज्य सरकार उच्च जातियों के विकास को लेकर लगातार प्रयासरत है और इसी उद्देश्य से राज्य उच्च जाति विकास आयोग का गठन किया गया है।































