न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर
किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी ढंग से दिलाने के उद्देश्य से ई-केवाईसी एवं एफआर (किसान पंजीकरण) प्रक्रिया को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में सोमवार को समाहरणालय स्थित समीक्षा भवन में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पंचायत स्तर पर मौजावर किसानों का ई-केवाईसी एवं किसान पंजीकरण कार्य तेज़ी से पूरा किया जाए। उन्होंने प्रखंडों के प्रभारी वरीय पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर किसानों को इस प्रक्रिया के प्रति जागरूक करें, ताकि कोई भी पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित न रह जाए।
जिलाधिकारी ने कृषि विभाग को निर्देश दिया कि ई-केवाईसी और एफआर की प्रक्रिया में और तेजी लाई जाए। इसके लिए वार्ड सदस्य, जीविका दीदी तथा अन्य स्थानीय माध्यमों की सहायता लेकर वार्ड स्तर पर किसानों को जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि जागरूकता अभियान के माध्यम से किसानों को बताया जाए कि ई-केवाईसी और किसान पंजीकरण अब अनिवार्य है।
इसके साथ ही जिलाधिकारी ने एक नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) नंबर जारी करने के निर्देश भी दिए, ताकि यदि किसी किसान को ई-केवाईसी या पंजीकरण से संबंधित कोई जानकारी चाहिए या किसी प्रकार की समस्या हो, तो वह सीधे नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर समाधान प्राप्त कर सके।
प्रशासन ने जानकारी दी कि बिहार के सभी प्रखंडों और पंचायतों में किसान सलाहकार, राजस्व कर्मचारी एवं कृषि समन्वयक द्वारा प्रत्येक किसान का ई-केवाईसी एवं एफआर कराया जा रहा है। यह प्रक्रिया पीएम-किसान सम्मान निधि योजना सहित अन्य कृषि सेवाओं का लाभ निर्बाध रूप से प्राप्त करने के लिए आवश्यक है।
ई-केवाईसी के अंतर्गत आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से किसान की पहचान का सत्यापन किया जाता है, जो अब मोबाइल ऐप या सीएससी केंद्रों पर फेस ऑथेंटिकेशन अथवा ओटीपी के जरिए घर बैठे भी संभव है। वहीं एफआर के माध्यम से आधार, मोबाइल नंबर और भूमि रिकॉर्ड को जोड़कर एक डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जाता है, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आती है और लाभ वितरण आसान होता है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पीएम-किसान सम्मान योजना का लाभ लेने के लिए ई-केवाईसी और किसान पंजीकरण अब अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में किसानों से अपील की गई है कि वे समय रहते अपनी ई-केवाईसी और एफआर प्रक्रिया पूरी करा लें, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके।
भागलपुर में ई-केवाईसी व किसान पंजीकरण को लेकर प्रशासन सख्त, कार्य में तेजी लाने के निर्देश
































