न्यूज स्कैन ब्यूरो,सुपौल
राष्ट्रीय लोक मोर्चा की जिला कार्यकारिणी की बैठक सोमवार को सर्किट हाउस सभागार में पार्टी के जिलाध्यक्ष धर्मपाल कुशवाहा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में मुख्य रूप से 5 सितंबर को पटना में आयोजित अमर शहीद जगदेव प्रसाद के शहादत दिवस पर आयोजित संवैधानिक अधिकार परिसीमन सुधार महारैली की तैयारियों पर व्यापक चर्चा की गई।
बूथ स्तर तक संगठन विस्तार पर ज़ोर
बैठक में पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने तथा गांव-गांव तक पार्टी की विचारधारा पहुँचाने की रणनीति तय की गई। इस अवसर पर पार्टी के प्रदेश महासचिव एवं क्षेत्रीय प्रभारी चंदन बागची ने कहा कि इस रैली को सफल बनाना हर कार्यकर्ता का प्राथमिक कर्तव्य है।
उन्होंने कहा कि 5 सितंबर को पटना के मिलर हाई स्कूल मैदान में आयोजित महारैली में हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व में हम संवैधानिक अधिकार और परिसीमन सुधार की मांग को लेकर आवाज बुलंद करेंगे। यह अभियान सिर्फ एक रैली नहीं, एक जन-जागरण आंदोलन है।
परिसीमन सुधार को बताया जनहित का विषय
बागची ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय लोक मोर्चा पहला ऐसा राजनीतिक दल है जिसने परिसीमन पर लगी 50 वर्षों की रोक को हटाने की पुरज़ोर मांग की है। उन्होंने इसे उत्तर भारत और पूर्वांचल के राज्यों के विकास से जोड़ते हुए कहा, परिसीमन सुधार से बिहार और पूर्वी भारत को उसका संवैधानिक हक मिलेगा। यह सिर्फ एक तकनीकी मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संतुलित विकास का प्रश्न है।
जिलाध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से की अपील
बैठक की अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष धर्मपाल कुशवाहा ने कहा कि 5 सितंबर की महारैली को ऐतिहासिक बनाना है। सुपौल जिला और सभी प्रखंडों से हजारों कार्यकर्ता इस महारैली में शामिल होंगे और अपने नेता उपेंद्र कुशवाहा के आह्वान पर संविधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए जुटेंगे।”
बैठक में कई वरिष्ठ नेता रहे उपस्थित
बैठक में आईटी सेल के प्रदेश अध्यक्ष रोशन राजा, प्रदेश महासचिव अविनाश सिन्हा, प्रदेश उपाध्यक्ष मो. इजहार आलम, गौतम कुमार, जयप्रकाश मेहता, प्रदेश सचिव प्रशांत कुमार, युवा उपाध्यक्ष प्रदीप मेहता, छात्र महासचिव मोहन जायसवाल, जिला प्रधान महासचिव नीलांबर मेहता, रामविलास मेहता, मोहम्मद इकबाल आलम, रविंद्र मेहता, दीप नारायण मंडल, परमेश्वर मेहता, मंगल यादव, सरवन कुमार, रामचंद्र मेहता, इंद्र किशोर गुप्ता, विष्णु देव पासवान, मनीष कुशवाहा सहित अनेक नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

































