बिहार EV नीति 2026 : अब इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदना हुआ सस्ता, महिलाओं को मिलेगा खास फायदा

बिहार सरकार ने राज्य में प्रदूषण कम करने और नई तकनीक को बढ़ावा देने के लिए ‘इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2026’ को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 19 बड़े फैसलों पर मुहर लगी। इस नई नीति का सबसे ज्यादा फायदा उन महिलाओं को मिलेगा जो अपने नाम पर गाड़ी खरीदना चाहती हैं।

न्यूज स्कैन ब्यूरो, पटना
जान लीजिए कि महिलाओं के लिए विशेष ऑफर क्या हैं-
सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए खास आर्थिक मदद का ऐलान किया है:

ई-कार (E-Car): अगर कोई महिला अपने नाम पर इलेक्ट्रिक कार खरीदती है, तो उसे 1 लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी।

ई-स्कूटर/बाइक: इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने पर महिलाओं को 12,000 रुपये की मदद दी जाएगी।

आम जनता और अन्य वर्गों के लिए लाभ
सिर्फ महिलाएं ही नहीं, बाकी खरीदारों के लिए भी सरकार ने खजाना खोला है:

सामान्य वर्ग: दोपहिया वाहन खरीदने पर 10,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी।

SC/ST वर्ग: अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों को दोपहिया वाहन पर 12,000 रुपये दिए जाएंगे।

मालवाहक गाड़ियां: सामान ढोने वाले इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों पर 50,000 से 60,000 रुपये तक की मदद मिलेगी।

टैक्स में 50% की बड़ी छूट
नई नीति के तहत बिहार में खरीदी गई सभी इलेक्ट्रिक गाड़ियों के मोटर वाहन कर (Tax) में 50% की छूट मिलेगी। इसके अलावा, अगर आप अपनी पुरानी पेट्रोल-डीजल गाड़ी को कबाड़ (Scrap) में देकर नई ई-गाड़ी लेते हैं, तो अतिरिक्त लाभ भी दिया जाएगा।

क्यों जरूरी है यह नीति?
पैसों की बचत: पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों से छुटकारा मिलेगा।

प्रदूषण मुक्त बिहार: वातावरण में कार्बन कम होगा और हवा साफ होगी।

रोजगार के अवसर: राज्यभर में चार्जिंग स्टेशन खुलेंगे, जिससे युवाओं को काम मिलेगा।

बड़ी बचत: अनुमान है कि 2030 तक इस कदम से हर साल 10 करोड़ लीटर ईंधन की बचत होगी।

सीधे खाते में आएगा पैसा
सरकार ने साफ किया है कि सब्सिडी का पैसा किसी बिचौलिए के पास नहीं जाएगा। यह राशि डीबीटी (DBT) के जरिए सीधे खरीदार के बैंक खाते में भेजी जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक बिहार की सड़कों पर चलने वाली हर तीसरी नई गाड़ी इलेक्ट्रिक हो।

सरकारी कर्मचारियों की भी मौज
इसी बैठक में सरकार ने अपने 9 लाख कर्मचारियों और 4.5 लाख पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ता (DA) भी बढ़ा दिया है। अब इसे 58% से बढ़ाकर 60% कर दिया गया है, जिससे हर महीने वेतन में ₹540 से ₹4500 तक की बढ़ोतरी होगी।