न्यूज स्कैन ब्यूरो, भागलपुर
बिहार के भागलपुर जिले की भवनाथपुर मकंदपुर पंचायत में हुई एक हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया है। जहाँ एक तरफ एक होनहार दलित छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद सन्नाटा पसरा है, वहीं दूसरी ओर लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. सुजाता चौधरी ने इस खामोशी को चीरते हुए इंसाफ की मशाल थाम ली है। डॉ. सुजाता ने जिला प्रशासन और न्यायपालिका को सीधी चेतावनी देते हुए पत्र लिखा है कि इस मामले को दबाने की कोई भी कोशिश समाज स्वीकार नहीं करेगा।
”वह अज्ञात शव नहीं, एक सपना था”… डॉ. सुजाता का तीखा प्रहार
डॉ. सुजाता चौधरी ने जिलाधीश, पुलिस अधीक्षक और जिला न्यायाधीश को लिखे अपने पत्र में अत्यंत मर्मस्पर्शी तरीके से पीड़िता का पक्ष रखा है। उन्होंने प्रशासन के उस प्रारंभिक रुख पर गहरी आपत्ति जताई है, जिसमें पीड़िता को “मानसिक रूप से अस्वस्थ” बताने की कोशिश की जा रही थी।
डॉ. सुजाता ने तथ्यों के साथ प्रशासन को आईना दिखाते हुए कहा, “वह बच्ची कोई ‘अज्ञात शव’ नहीं थी। वह 2 फरवरी को इंटर की परीक्षा देने वाली एक मेधावी छात्रा थी। उसके शिक्षक और सहपाठी गवाह हैं कि वह लक्ष्य के प्रति सजग थी। उसे मानसिक बीमार बताना न केवल उसकी छवि धूमिल करना है, बल्कि अपराध की गंभीरता को कम करने का एक खतरनाक प्रयास है।”
प्रशासनिक तंत्र को झकझोरा, माँगी निष्पक्ष जांच
डॉ. सुजाता चौधरी ने पत्र के माध्यम से प्रशासन के सामने चार प्रमुख माँगें रखी हैं, जो इस केस की दिशा बदल सकती हैं:
पोस्टमार्टम की शुचिता: उन्होंने माँग की है कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और वैज्ञानिक हो ताकि सच सामने आ सके।
षड्यंत्र पर प्रहार: छात्रा को ‘मानसिक विक्षिप्त’ बताने की साजिश करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
सुरक्षा का घेरा: पीड़ित दलित परिवार, जो डरा-सहमा हुआ है, उसे तत्काल पुलिस सुरक्षा दी जाए।
त्वरित न्याय: दोषियों की पहचान कर उन्हें ऐसी सजा दी जाए जो मिसाल बने।
”यह केवल एक परिवार की नहीं, समाज की हार होगी”
रन्नूचक मकंदपुर निवासी डॉ. सुजाता चौधरी का यह कदम उन लोगों के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरा है, जिनके पास धन और रसूख की ताकत नहीं है। उन्होंने अपने पत्र के अंत में बेहद भावुक अपील करते हुए लिखा है कि यह पत्र किसी संगठन का औपचारिक दस्तावेज नहीं, बल्कि उस खामोश कर दी गई बच्ची की ‘आवाज़’ है।
































