न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल
बिहार बाल विज्ञान शोध कार्यक्रम 2025 का क्षेत्रीय स्तर पर आयोजन 20-21 दिसंबर को मधुबनी के रीजनल सेकेंडरी स्कूल, जीवछ चौक, सप्ता में होगा।जिला कार्यक्रम पदाधिकारी द्वारा जारी पत्र के अनुसार ये छात्र जिला स्तर पर चयनित हुए हैं।मालूम हो जिला स्तरीय आयोजन16 दिसंबर को सुपौल में राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद, बिहार, बिहार काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, पटना और साइंस फॉर सोसाइटी, बिहार के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्तरीय परियोजना प्रस्तुतिकरण सह मूल्यांकन सफलतापूर्वक हुआ। मुख्य अतिथि महताब रहमानी, डॉ. निखिल कुमार सिंह, सत्यनारायण चौधरी, जिला समन्वयक राजीव कुमार और रामचंद्र प्रसाद यादव ने दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया। स्वागत गान शंभू मंडल और छात्राओं ने प्रस्तुत किया, तथा प्रधानाध्यापक ने स्वागत भाषण दिया।
मुख्य विषय और संदेश
कार्यक्रम का केंद्रीय विषय “खाद्य सुरक्षा एवं पर्यावरणीय स्वास्थ्य के लिए प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन” था, जिसमें पांच उप-विषयों पर परियोजनाएं प्रस्तुत की गईं। मुख्य अतिथि महताब रहमानी ने तार्किक सोच और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा, “यह AI का युग है, जहां नवाचार और दिशा-निर्देश के साथ हम बेहतर नागरिक और जिम्मेदार वैज्ञानिक बन सकते हैं।”
चयनित बाल वैज्ञानिक
चार छात्राएं और चार छात्र 9वीं व 11वीं कक्षा के हैं, जो ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से हैं। चयनित टीमें इस प्रकार हैं:
- आर्या सिंह (ग्रुप लीडर) और भारती कुमारी, मार्गदर्शक: सरोज कुमार सिंह – उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय बारा, एकमा।
- शन्वी (ग्रुप लीडर) और आर्यन राज, मार्गदर्शक: आशीष कुमार – आरएसएम पब्लिक स्कूल, सुपौल।
- आर्यन राज (ग्रुप लीडर) और आकांक्षा शुभम, मार्गदर्शक: सोनू कुमार – साइंस क्लब, किशनपुर।
- देवेंद्र कुमार यादव (ग्रुप लीडर), हिमांशु शेखर, मार्गदर्शक: राकेश रंजन – उच्च माध्यमिक विद्यालय, निर्मली।
- कल्पना कुमारी (ग्रुप लीडर), चमन प्रवीण, मार्गदर्शक: अजीत कुमार – उच्च माध्यमिक विद्यालय, परसाही हाट।
- आंचल कुमारी, पिंकी कुमारी, मार्गदर्शक: अवधेश कुमार – उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय रसुआ, मरौना।
- सूरज कुमार (ग्रुप लीडर), चंदन, मार्गदर्शक: सुमित कुमार – उच्च माध्यमिक विद्यालय, सिमरी।
- पीयूष कुमार (ग्रुप लीडर), आदित्य राज, मार्गदर्शक: ललन कुमार – कबीर कृपानाथ उच्च विद्यालय, हरिहरपुर।[1]
मूल्यांकन और निर्देश
जितेंद्र कुमार, सत्यनारायण चौधरी और डॉ. निखिल कुमार सिंह ने मूल्यांकन में योगदान दिया।
स्काउट शिक्षक सुधा, अवधेश कुमार और राजीव कुमार (जिला समन्वयक साइंस फ़ॉर सोसाइटी ) बाल वैज्ञानिकों की देखरेख करेंगे। प्रतिभागियों को माध्यमिक शिक्षक संघ भवन से एकत्र होकर मधुबनी जाना है, परियोजना रिपोर्ट, फोटो, प्रमाण-पत्र और सामग्री साथ ले जाना अनिवार्य है ।
































