सुलह से ही स्थायी शांति संभव, मुकदमों के निपटारे में मानवीय रुख अपनाएं अधिकारी व बैंक

  • प्रधान जिला जज अनुराग का राष्ट्रीय लोक अदालत में आह्वान

न्यूज स्कैन ब्यूरो, कैमूर
भभुआ व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार अनुराग ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सुलह के आधार पर विवादों का निपटारा होने से समाज में स्थायी शांति और सद्भाव कायम होता है। आपसी समझौते से मुकदमा समाप्त होने पर न कोई जीतता है और न हारता है, बल्कि शांति और सौहार्द की विजय होती है, जो परिवार, समाज और देश की उन्नति में सहायक है।प्रधान जिला जज ने लोक अदालत में उपस्थित न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, बैंक कर्मियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं पारा लीगल वॉलंटियरों से अपील की कि मुकदमों के निपटारे में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए ग्रामीण जनता और पक्षकारों को अधिकतम राहत प्रदान करें। उन्होंने बैंकों से विशेष रूप से कृषि एवं ग्रामीण ऋण से जुड़े मामलों में संवेदनशील रवैया अपनाने और यथासंभव रियायत देने का आग्रह किया।
इस मौके पर तृतीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश विनय प्रकाश तिवारी ने कहा कि लोक अदालत में सुलह के आधार पर मामलों के निस्तारण से लंबी मुकदमेबाजी से मुक्ति मिलती है। लोक अदालत के निर्णय की अपील नहीं होती, जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है। वहीं जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार ठाकुर ने लोक अदालत को विवादों के स्थायी समाधान और सामाजिक शांति का प्रभावी माध्यम बताया।
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष रवीन्द्र नाथ चौबे ने ग्रामीण बैंकों से गरीब किसान और मजदूर ऋणियों को अधिकाधिक छूट देकर उन्हें ऋणमुक्त करने की मांग की। कार्यक्रम का संचालन करते हुए वरीय अधिवक्ता एवं रेडक्रॉस सचिव प्रसून कुमार मिश्र ने लोक अदालत की परिकल्पना, उद्देश्य और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला तथा इसे सर्वोच्च न्यायालय की ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने पिछली राष्ट्रीय लोक अदालत में लंबित मामलों के रिकॉर्ड निस्तारण के लिए जिला जज, न्यायिक पदाधिकारियों और सभी सहयोगियों को बधाई दी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सुमन सौरभ ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत भभुआ में नौ तथा अनुमंडलीय न्यायालय मोहनियां में तीन बेंच गठित की गई हैं। किसी भी प्रकार की समस्या के समाधान के लिए पक्षकारों को हेल्प डेस्क से संपर्क करने की सलाह दी गई। उन्होंने अतिथियों और आगंतुकों का स्वागत करते हुए कर्मियों और पारा लीगल वॉलंटियरों के योगदान की सराहना की।
कार्यक्रम में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश हर्षवर्धन त्रिपाठी, एसीजेएम हेमा कुमारी, डॉ. शैल, रेहान रजा, कृतिका द्विवेदी, शालिनी शुक्ला, लोक अभियोजक सच्चिदानंद राय, जिला अभियोजन पदाधिकारी दिनेश धर दूबे, लीगल एड डिफेंस काउंसिल जितेन्द्र उपाध्याय, अधिवक्ता संघ के कार्यकारी महासचिव विकास शर्मा, अधिवक्ता प्रभाकर दूबे, गोपाल तिवारी सहित लोक अदालत के विनीत, वसीम, धीरज एवं बड़ी संख्या में अधिवक्ता, अधिकारी और आमजन उपस्थित रहे।