न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल
सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मृत्यु एवं गंभीर चोटों में कमी लाने और सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला परिवहन कार्यालय द्वारा विशेष सड़क सुरक्षा एवं जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई है। राज्य परिवहन विभाग के दिशा–निर्देश के अनुसार, सड़क सुरक्षा के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मृत्यु की संख्या में वर्ष 2030 तक 50% की कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी परिप्रेक्ष्य में जिला स्तर पर थीम आधारित जांच अभियान निम्नानुसार संचालित किए जाएंगे।
राज्य परिवहन आयुक्त के निर्देश के आलोक में यह अभियान विभिन्न सप्ताहों में थीम आधारित जांच कार्यक्रम के रूप में संचालित होगा, जिसके तहत प्रथम सप्ताह में सोमवार एवं शुक्रवार को हेलमेट जांच अभियान तथा तृतीय सप्ताह में सोमवार को सीट बेल्ट अभियान और शुक्रवार को पुनः हेलमेट जांच अभियान संचालित किया जाएगा।
जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि अभियान के दौरान हेलमेट एवं सीट बेल्ट पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। सभी संबंधित पदाधिकारियों, पुलिस प्रशासन, पोस्ट चेकपोस्ट एवं प्रवर्तन दल को निर्देश दिया गया है कि यातायात नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि सड़कों पर दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके। साथ ही, सभी मोटरयान निरीक्षकों, प्रवर्तन निरीक्षकों एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया है कि जिले के सभी महत्वपूर्ण मार्गों पर नियमित अंतराल पर जांच अभियान चलाएं, ताकि सभी वाहन चालकों में सड़क सुरक्षा को लेकर अनुशासन एवं जागरूकता बनी रहे।
इस अवसर पर जिला परिवहन पदाधिकारी ने आमजनों से अपील की कि वे सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए दोपहिया वाहन हमेशा हेलमेट पहनकर चलाएं तथा चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट अवश्य लगाएं। तेज गति, ओवरटेकिंग तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अनावश्यक हॉर्न प्रयोग से बचें और यातायात पुलिस एवं परिवहन विभाग के साथ सहयोग करें। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और छोटे-छोटे नियमों का पालन जीवन की सुरक्षा करता है।
जिला परिवहन विभाग का स्पष्ट उद्देश्य है कि जिले में सड़क दुर्घटनाओं की घटनाओं में कमी आए, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो और एक सुरक्षित यातायात संस्कृति का निर्माण हो सके।































