भागलपुर में बगुला मंच की काव्य गोष्ठी संपन्न, साहित्यकार कपिल देव कृपाला के जन्मदिन पर कवियों ने बिखेरी साहित्यिक छटा

न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर

हास्य–व्यंग्य की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था बगुला मंच की ओर से आनंद मार्ग कॉलोनी, अलीगंज में साहित्यकार कपिल देव कृपाला के जन्मदिन के उपलक्ष्य में एक भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. प्रेमचंद पांडे ने की, जबकि प्रसिद्ध कथाकार उमाकांत भारती मुख्य अतिथि तथा वरिष्ठ कवि महेंद्र निशाकर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। मंच संचालन संस्था के सचिव धीरज पंडित ने किया।
गोष्ठी का शुभारंभ कपिल देव कृपाला की सरस्वती वंदना “सरस्वती माय तोरो महिमा अपार हे…” से हुआ। इसके बाद एक से बढ़कर एक रचनाओं ने वातावरण को साहित्यिक रंगों से सराबोर कर दिया।
ग़ज़लकार भानू झा ने अपनी प्रस्तुति “कोई न कोई अपना होगा, रस्ता जो मेरा तकता होगा…” से खूब सराहना हासिल की। वहीं विशिष्ट अतिथि महेंद्र निशाकर ने “मुझे इश्क हो गया है यारों गीत, संगीत, कविता, कहानी से” सुनाकर साहित्य के मर्म को प्रभावशाली ढंग से व्यक्त किया।
संयोजक महेश मणि ने क्रोध से उत्पन्न मानवीय विकारों पर अपनी रचना प्रस्तुत की। मुख्य अतिथि उमाकांत भारती ने अपनी चर्चित कविता “बुलडोज़र” सुनाकर गम और खुशी के गंभीर स्वरूप को नए अंदाज़ में रेखांकित किया।
कवयित्री रेणु ठाकुर ने ग़ज़ल “मेरी कोई कहानी हो न सकी, मैं तो झांसी की रानी हो न सकी…” से उपस्थित श्रोताओं की खूब तालियां बटोरीं। नवीन निकुंज की पंक्तियाँ “स्व ही नहीं सच्चाई देखता हूं, आदमी की अच्छाई देखता हूं” ने श्रोताओं को विशेष रूप से प्रभावित किया।
कार्यक्रम में नीशीत मिश्रा, संजीव कुमार झा, डॉ. जयंत जलद, विनय कबीरा, कामता प्रसाद, अभय कुमार भारती, बिनोद कुमार राय, डॉ. प्रेमचंद पांडे और धीरज पंडित ने भी अपनी-अपनी उत्कृष्ट रचनाएं प्रस्तुत कर गोष्ठी को समृद्ध किया। गोष्ठी का समापन धीरज पंडित के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।