ललित नारायण मिश्र को न्याय की मांग के लिए जन जागरण तिरंगा यात्रा का आयोजन

न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल

पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय ललित नारायण मिश्रा को न्याय दिलाने एवं लोगों के बीच जागरूकता क़ो लेकर रविवार क़ो बलुआ बाजार स्थित ललित नारायण मिश्रा के आवासीय परिसर से एक तिरंगा यात्रा निकाली गई। यह तिरंगा यात्रा बलुआ बाजार से निकलकर सीतापुर, बसंतपुर के रास्ते ललित नारायण मिश्रा स्मारक महाविद्यालय वीरपुर पहुंची।
ललित नारायण मिश्रा स्मारक महाविद्यालय के पुस्तकालय भवन मे एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गहेन्द्र नारायण सिंह, मुख्य पार्षद सुशील कुमार, पल्लव झा, यमुनानन्द मिश्रा, ललित नारायण मिश्रा के पौत्र वैभव मिश्रा ने कार्यक्रम क़ो सम्बोधित किया। कार्यक्रम की शुरुआत में मौजूद अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर की। .जिसके बाद पूर्व रेल मंत्री स्वर्गीय ललित नारायण मिश्रा के तैल चित्र पर बारी बारी से पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया गया.
ललित बाबू के जन जागरण तिरंगा यात्रा की आवश्यकता क्यों पड़ी सबसे पहले इस विषय पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम मे मौजूद वक्ताओ ने स्व ललित बाबू के पूरे भारत वर्ष समेत कोसी और मिथिलांचल मे उनके द्वारा किए गए कार्यों क़ो बताया। वक्ताओ मे आलोक राज ललित बाबू पर बोलते हुए भावुक हो गए।
कार्यक्रम के दौरान यमुनानन्द मिश्रा ने कहा कि ललित बाबू की याद मे जन जागरण तिरंगा यात्रा निकालने का एक मात्र मकसद है कि ललित बाबू क़ो आज के लोगो का जानना जरुरी है कि ललित बाबू क्या थे? 70 के दशक के बाद ऐसी सम्भावना जताई जाए रही थी कि वें देश के संभावित पीएम थे लेकिन अकस्मात उनकी हत्या कर दी गई. जाँच भी किया गया लेकिन सब लीपापोती थी। ललित बाबू क़ो न्याय मिले इसको लेकर यह जन जागरण तिरंगा यात्रा की जरुरत पड़ी.
नगर मुख्य पार्षद सुशील कुमार ने भारत माता की जयकारा के साथ कहा कि इस तिरंगा यात्रा निकालने के लिए ललित बाबू के पौत्र वैभव मिश्रा क़ो बहुत बहुत धन्यवाद. उन्होंने इस तिरंगा यात्रा की आवश्यकता पर चर्चा करते हुए कहा कि आनेवाले समय मे ललित बाबू क़ो हम भूल जायेंगे कहीं ऐसा तो नहीं। उनके मार्ग पर चलकर आगे बढ़ने का कार्य करना होगा। ललित बाबू की हत्या की गई लेकिन आज भी उन्हें न्याय नहीं मिला है। नगर पंचायत के वार्ड संख्या 12 मे ललित बाबू की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता आदर्श तिवारी ने कहा कि ललित बाबू की बात कहना सूर्य क़ो दीपक दिखाने के समान है। इनकी हत्या की जांच आज भी बड़ी जांच की विषय है।उन्होंने स्थानीय मौजूद लोगों क़ो साइबर क्राइम, जीरो प्राथमिकी इत्यादि की जानकारी क़ो भी साझा किया.
अंत मे कार्यक्रम के संयोजक सह ललित बाबू के पौत्र वैभव मिश्रा ने कहा कि दक्षिण भारत से उत्तर भारत तक सभी लोग ललित बाबू क़ो जानते है. लेकिन नई पीढ़ी उनसे अवगत नहीं है. यह कार्यक्रम एक जन जागरूकता कार्यक्रम है ताकि लोगो और नई पीढ़ी ललित बाबू के बारे मे जानकारी मिल सके. उन्हें न्याय मिल सके. उनके भारत रत्न की मांगे भी पूरी हो सके।