ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता युवा प्रतिभाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रभावी माध्यम : प्राचार्य

न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल

सुपौल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के स्टार्टअप सेल द्वारा +2 एल.एन.एल.एन. प्रोजेक्ट गर्ल्स हाई स्कूल, त्रिवेणीगंज में बिहार स्टार्टअप पॉलिसी–2022 पर आधारित स्टार्टअप अवेयरनेस एवं आइडिएशन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को उद्यमिता, नवाचार तथा राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जा रही स्टार्टअप सहायता योजनाओं से परिचित कराना था।
कार्यक्रम की शुरुआत स्टार्टअप बिहार की नीतियों, उपलब्ध अवसरों और महिला उद्यमियों हेतु विशेष प्रोत्साहनों पर आधारित संवाद से हुई, जिसमें छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
आइडिएशन सत्र के दौरान छात्राओं ने कुल 11 नवाचारी विचार प्रस्तुत किए, जिनमें सरकारी विद्यालयों के बच्चों के परिवहन संबंधी समाधान, दवाइयों की पैकेजिंग में सुधार, स्थानीय उत्पादों के वेयरहाउस प्रबंधन की चुनौतियों के समाधान तथा पर्यावरण एवं स्वास्थ्य से जुड़े व्यावहारिक सुझाव शामिल थे।
प्रस्तुत विचारों में ग्रामीण समस्याओं की सूक्ष्म समझ और उन्हें नवाचार के माध्यम से हल करने का दृष्टिकोण स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
स्कूल के प्राचार्य सौरभ सुमन ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता युवा प्रतिभाओं के लिए आत्मनिर्भर बनने का प्रभावी माध्यम बन सकती है।
उन्होंने कहा कि सरकार की स्टार्टअप नीति ऐसे युवाओं को प्रोत्साहित कर रही है जो केवल नौकरी पाने की नहीं, बल्कि आने वाले समय में रोजगार सृजन करने की क्षमता विकसित करना चाहते हैं।
उन्होंने छात्राओं को अपने विचारों को निखारने और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
फैकल्टी इनचार्ज शादाब आज़म सिद्दीकी ने अपने संबोधन में कहा कि त्रिवेणीगंज की छात्राओं में स्थानीय समस्याओं की गहरी समझ है, और जब यह समझ इंजीनियरिंग तथा तकनीकी शिक्षा के साथ मिलती है, तो स्वास्थ्य सेवा, परिवहन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था तथा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अत्यंत प्रभावी समाधान विकसित किए जा सकते हैं।
उन्होंने इस तरह के आयोजनों को ग्रामीण नवाचार संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
इसके बाद स्टार्टअप सेल के कोऑर्डिनेटर श्री प्रदीप कुमार ने बिहार स्टार्टअप पॉलिसी–2022 के अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया, 10 लाख रुपये तक की ब्याज-मुक्त सीड फंडिंग, इन्क्यूबेशन सहयोग तथा महिला और वंचित वर्ग के उद्यमियों के लिए उपलब्ध विशेष लाभों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि सरकार नवाचार आधारित विचारों को व्यवसाय के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर सहयोग दे रही है और ऐसे कार्यक्रम छात्राओं को अपनी क्षमता पहचानने का अवसर प्रदान करते हैं।
आइडिएशन प्रतियोगिता में छोटी कुमारी प्रथम, विभा द्वितीय, रानी कुमारी तृतीय, और प्रज्ञा चतुर्थ स्थान पर रहीं।
विजेताओं को मोमेंटो एवं प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के संचालन में स्कूल के शिक्षकों के साथ-साथ स्टार्टअप सेल की टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
आयोजन को सफल बनाने में छात्र प्रतिनिधि आयुष राज और रोहित राज ने भी समन्वय, संवाद और व्यवस्था संभालने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई।
विद्यालय के शिक्षक दिलीप कुमार, रविन्द्र कुमार, आनंद कुमार, राजेश कुमार, गजेन्द्र यादव, कुमारी स्नेहा, यशप्रीत कौर, सुनीता कुमारी, रंजू कुमारी, एवं खुशबू कुमारी एवं यू.यू.एच.एस. के शिक्षक राजेश कुमार ने भी कार्यक्रम में शामिल होकर आयोजन के महत्व को और बढ़ाया।