प्रमोद कुमार, कैमूर
बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को कैमूर जिले के चैनपुर विधानसभा क्षेत्र के हाटा में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए महिलाओं के लिए एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत दी गई 10 हजार रुपये की सहायता राशि अब वापस नहीं करनी होगी।
मुख्यमंत्री ने इस घोषणा के साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रोत्साहित किया और साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि जो महिलाएँ रोजगार या व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सफल होंगी, उन्हें सरकार की ओर से दो लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी।
नीतीश कुमार ने कहा कि अब तक 1 करोड़ 51 लाख से अधिक महिलाओं को इस योजना के तहत दस हजार रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह राशि सहायता के रूप में दी गई थी, इसे किसी महिला को लौटाने की आवश्यकता नहीं है।
महिला वोटरों को साधने की कोशिश
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, चुनावी माहौल में मुख्यमंत्री की यह घोषणा महिला वोटरों को प्रभावित करने की एक बड़ी रणनीतिक चाल मानी जा रही है। नीतीश कुमार भलीभांति जानते हैं कि ‘जीविका समूह’ बिहार में एक बड़ा और निर्णायक वोट बैंक बन चुका है। इसलिए उन्होंने महिला मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी गई है। सरकार ने सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण देकर महिलाओं को नई पहचान और सम्मान दिया है।
‘जंगलराज’ से ‘विकासराज’ तक की यात्रा
अपने संबोधन में नीतीश कुमार ने 20 साल पहले के बिहार की स्थिति को याद दिलाते हुए कहा कि उस समय राज्य अराजकता और पिछड़ेपन में जकड़ा हुआ था। लेकिन एनडीए की सरकार ने पिछले दो दशकों में बिजली, सड़क, शिक्षा और पुल निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
उन्होंने कहा —“बिहार में हर क्षेत्र में विकास हुआ है। आज लोगों को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिल रही है। पेंशन योजना की राशि जो पहले 400 रुपये थी, अब बढ़ाकर 1400 रुपये कर दी गई है। सड़क और पुलों का जाल बिछा है, शिक्षा के स्तर में सुधार आया है और महिलाओं को सम्मान और अवसर मिले हैं।”
मुख्यमंत्री ने मंच से एनडीए प्रत्याशी जमा खान के पक्ष में समर्थन की अपील करते हुए कहा कि बिहार की जनता ने हमेशा विकास और स्थिरता के लिए एनडीए पर भरोसा किया है और इस बार भी जनता विकास के नाम पर मतदान करेगी।
नीतीश कुमार ने महिलाओं को मिलने वाली दस हजार सहायता राशि को किया माफ़, महिला वोटरों पर चली बड़ी राजनीतिक चाल
































