बिहार ब्यूरोक्रेसी में हड़कंप : संजीव हंस के बाद अब इन दो IAS अफसरों पर ED का शिकंजा, ‘ऑस्ट्रिया ट्रिप’ ने खोली पोल

न्यूज स्कैन ब्यूरो, पटना
बिहार के प्रशासनिक गलियारों में एक बार फिर सन्नाटा पसर गया है। सीनियर आईएएस अधिकारी संजीव हंस के बाद अब बिहार कैडर के दो और आईएएस अधिकारी प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रडार पर आ गए हैं। इनमें 2014 बैच की आईएएस अभिलाषा कुमारी शर्मा और 2017 बैच के आईएएस योगेश कुमार सागर शामिल हैं।

ED ने इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के तहत कार्रवाई की तैयारी तेज कर दी है। जांच एजेंसी को संदेह है कि इन अफसरों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध संपत्ति अर्जित की है।

15 लाख की ‘मुफ्त’ ऑस्ट्रिया यात्रा पड़ी भारी
जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा आईएएस योगेश कुमार सागर की विदेश यात्रा को लेकर हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, योगेश कुमार की ऑस्ट्रिया यात्रा का करीब 15 लाख रुपये का खर्च उन्होंने खुद नहीं, बल्कि ‘रिशु श्री’ नामक एक निजी कंपनी ने उठाया था। यह वही कंपनी है जिसका नाम आईएएस संजीव हंस प्रकरण में भी प्रमुखता से उछला था। आरोप है कि सरकारी काम में अनुचित लाभ देने के बदले इस कंपनी ने अफसरों की “सेवा” की।

क्या है अब तक का अपडेट?
प्रवर्तन निदेशालय ने बिहार सरकार की विशेष सतर्कता इकाई (SVU) को पत्र लिखकर औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया है। एक बार SVU द्वारा एफआईआर दर्ज होते ही, ED अपने स्तर पर ECIR (Enforcement Case Information Report) दर्ज कर लेगी, जिसके बाद इन अधिकारियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

SVU ने की पुष्टि एसवीयू के एडीजी पंकज दराद ने पुष्टि की है कि उन्हें ईडी से पत्र प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि इसमें मनी लॉन्ड्रिंग और आय से अधिक संपत्ति जैसे गंभीर आरोप हैं। प्रक्रिया के तहत, पत्र को विभाग के सचिव को भेज दिया गया है ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके।