अगस्त में राष्ट्रपति आ सकती हैं भागलपुर, टीएमबीयू के कार्यक्रम में करेंगी शिरकत

कुलपति ने दिए युद्धस्तर पर तैयारी के निर्देश

भागलपुर। टीएमबीयू परिसर में अमर शहीद तिलकामांझी की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने को लेकर तैयारी जोर-शोर से चल रही है। अगस्त माह में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का टीएमबीयू में आगमन संभावित है। राष्ट्रपति के हाथों तिलकामांझी की आदमकद प्रतिमा का अनावरण होना है। बताते चलें की जन सहयोग से विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन परिसर में अमर शहीद तिलकामांझी की प्रतिमा स्थापित की जा रही है। इसका निर्णय
सीनेट की बैठक में लिया गया था। प्रतिमा स्थापना में शिक्षकों, कर्मचारियों, समाजसेवियों, शिक्षाविदों के साथ साथ आम लोगों का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है।
राजस्थान के जयपुर से प्रतिमा बनकर विश्वविद्यालय परिसर आ चुकी है। प्रतिमा कांस्य की है। जिसका वजन करीब 800 किलोग्राम और लम्बाई 9 फीट है।
सोमवार को कुलपति प्रो. जवाहर लाल ने प्रतिमा स्थापना समिति के सचिव व सिंडीकेट सदस्य डॉ मृत्युंजय सिंह गंगा के साथ प्रतिमा स्थल का जायजा लिए।
प्रतिमा स्थल पर ड्यूटी में तैनात सामंता सेक्युरिटी तीन गार्डो की लापरवाही के चलते सीमेंट की कई बोरियों की क्षति हुई, इस पर कुलपति ने मौके पर ही लापरवाह गार्डो को फटकार लगाते हुए रजिस्ट्रार को आदेश दिए की क्षतिपूर्ति सामंता एजेंसी के बिल से करें।
सुरक्षा गार्ड की तैनाती के बाद भी कई गड़बड़ियाँ सामने आयीं। छात्र सेवा केंद्र की छत पर बाहरी लोग और बच्चे देखे गए। वहीं मुख्य रोड स्थित विश्वविद्यालय की बाउंड्री वाल के निचले हिस्से में बाहरी लोगों द्वारा होल बनाकर कैम्पस में प्रवेश किया जा रहा है। जिससे सुरक्षा व्यवस्था की समस्या खड़ी हो सकती है। कुलपति ने खुद समिति के सचिव और विश्वविद्यालय अधिकारियों के साथ स्थिति को देखा।
वीसी ने कैम्पस के दक्षिणी छोड़ पर एक जगह बने गड्ढे को तुरंत भरने और पूर्वी छोड़ की बाउंड्रीवाल बनाने का निर्देश इंजिनियरिंग सेक्शन को दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को युद्धस्तर पर बचे हुए काम को पूरा करने का निर्देश दिए।
कुलपति के निरीक्षण के दौरान प्रतिमा स्थापना समिति के सचिव व सिंडिकेट सदस्य डॉ मृत्युंजय सिंह गंगा, कुलसचिव डॉ रामाशीष पूर्वे, डीएसडब्लू डॉ बिजेंद्र कुमार, प्रॉक्टर डॉ अर्चना कुमारी साह, पीआरओ डॉ दीपक कुमार दिनकर आदि उपस्थित थे।