न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, कहलगांव
एनटीपीसी कहलगांव का आसमान शुक्रवार को देशभक्ति और ऊर्जा के रंगों में रंगा दिखाई दिया।
मौका था – एनटीपीसी के 51वें स्थापना दिवस का, और परिसर का हर कोना गर्व और गौरव से दमक रहा था।
मुख्य समारोह प्रशासनिक भवन प्रांगण में हुआ, जहां परियोजना प्रमुख रवीन्द्र पटेल ने झंडारोहण कर उत्सव की शुरुआत की। जैसे ही तिरंगा लहराया, सीआईएसएफ के जवानों ने अनुशासन और शौर्य का शानदार प्रदर्शन किया, और एनटीपीसी का संगठन गीत वातावरण में गूंज उठा – मानो हवा भी ‘ऊर्जा के इस पर्व’ में शामिल हो गई हो।
देशभक्ति और नवाचार का संगम
अपने संबोधन में श्री पटेल ने कहा – ‘एनटीपीसी कहलगांव केवल बिजली नहीं बनाता, यह देश की ऊर्जा सुरक्षा का भरोसा है।’ उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से नवाचार, दक्षता और समर्पण के साथ संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि परियोजना न केवल ऊर्जा उत्पादन में अग्रणी है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व में भी उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।
वंदे मातरम के 150 वर्ष और एक भावपूर्ण पल
स्थापना दिवस के मौके पर “वंदे मातरम्” गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने पर सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन किया।
पूरा परिसर देशभक्ति की भावनाओं से गूंज उठा – और इस जोश के बीच केक काटा गया, गुब्बारे छोड़े गए, और उत्सव का उल्लास पूरे टाउनशिप में फैल गया।
हरियाली का संकल्प – ‘ग्रीन एनर्जी से ग्रीन एनवायरनमेंट’ तक
दीप्ति सरोवर परिसर में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम ने समारोह को और अर्थपूर्ण बना दिया।
वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारियों, उनके परिजनों और स्कूली बच्चों ने मिलकर 1000 फलदार पौधे लगाए।यह सिर्फ पौधे नहीं थे, बल्कि एक हरित भविष्य के बीज थे। यह पहल एनटीपीसी कहलगांव की ‘ऊर्जा के साथ पर्यावरण’ की प्रतिबद्धता को फिर से रेखांकित करती है।
दिल्ली से कहलगांव तक – एक ही जश्न, एक ही भावना
कार्यक्रम के बाद नई दिल्ली स्थित कॉरपोरेट मुख्यालय में आयोजित केंद्रीय स्थापना दिवस समारोह का सीधा प्रसारण भी सभी ने सामूहिक रूप से देखा। कॉरपोरेट प्रमुखों के संदेशों ने कहलगांव की टीम को और उत्साहित कर दिया। इस अवसर पर परियोजना प्रमुख श्री पटेल ने अधिकारियों, यूनियन प्रतिनिधियों और सहयोगी संस्थाओं को स्मृति-चिह्न प्रदान किए, जिससे समारोह का सम्मान और उल्लास दोनों बढ़ा।
हर कोना झिलमिला उठा ‘राष्ट्र रंगों’ में
पूरी टाउनशिप को राष्ट्रीय रंगों की थीम से सजाया गया था – जहां हर दीवार, हर बत्ती, हर झंडा यह संदेश दे रहा था कि ‘एकता में ही ऊर्जा है।’
इस समारोह में मनोरंजन परिदा (महाप्रबंधक, संचालन एवं अनुरक्षण), के. एस. प्रसांत (उप कमांडेंट, सीआईएसएफ), अर्चना पटेल (अध्यक्ष, सृष्टि समाज), भास्कर गुप्ता (अपर महाप्रबंधक, मानव संसाधन) सहित विभिन्न यूनियन, एसोसिएशन, सृष्टि समाज और सहयोगी संस्थाओं के सदस्य बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
एनटीपीसी कहलगांव का 51वां स्थापना दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि उस प्रतिबद्धता की याद थी जिसने बिहार ही नहीं, देश को रौशन किया है – जहां बिजली सिर्फ तारों में नहीं, हर कर्मी के जोश में बहती है।

































