आयुक्त ने बांका जिले के राजस्व कार्यों की की समीक्षा, दिए सख्त निर्देश, सरकारी भूमि मामलों की मॉनिटरिंग, 90% आवेदन निष्पादन और शत-प्रतिशत वसूली पर जोर

न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर
प्रमंडलीय आयुक्त की अध्यक्षता में मंगलवार को आयुक्त कार्यालय, भागलपुर में बाँका जिले के राजस्व संबंधी कार्यों की विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर समाहर्त्ता, जिला नीलामपत्र पदाधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, जिला बंदोबस्त पदाधिकारी एवं भूमि सुधार उपसमाहर्त्ता, बाँका उपस्थित रहे। इसके अलावा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बाँका जिले के सभी अंचलाधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
बैठक के दौरान आयुक्त ने सरकारी भूमि से संबंधित न्यायालयों में दायर मामलों की नियमित मॉनिटरिंग जिला राजस्व शाखा से सुनिश्चित कराने का निर्देश अपर समाहर्त्ता, बाँका को दिया। साथ ही सरकारी भूमि से जुड़े किसी भी मामले में हार की स्थिति में उच्चतर न्यायालय में अपील करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।
आयुक्त ने बाँका जिले के प्रत्येक अंचल में वन विभाग की भूमि से संबंधित संपूर्ण जानकारी संधारित करने का निर्देश दिया। इसके अलावा सभी अंचलों में पंचायतवार एवं हल्कावार गैरमजरुआ भूमि की पंजी 15 फरवरी 2026 तक तैयार करने का आदेश सभी अंचलाधिकारियों को दिया गया।
परिमार्जन प्लस पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों में से कम से कम 90 प्रतिशत मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने तथा पीएम किसान एग्रीस्टेक योजना की प्रगति की नियमित समीक्षा अपर समाहर्त्ता, बाँका द्वारा अपने स्तर से करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में जिले के सभी सैरातों की बंदोबस्ती के लिए हर संभव प्रयास करने और वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक शत-प्रतिशत राजस्व वसूली सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही विभागीय वसूली को प्रोत्साहन नहीं देने का निर्देश भी दिया गया।
आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि प्रत्येक राजस्व कर्मचारी के बैठने का स्थान निर्धारित किया जाए, ताकि लोगों को आसानी से संबंधित कर्मी मिल सकें। भूमि सुधार उपसमाहर्त्ता एवं सभी अंचलाधिकारियों को अपने-अपने हल्कों का नियमित निरीक्षण करने तथा भूमि सुधार उपसमाहर्त्ता को न्यायालय में नियमित सुनवाई कर नियमानुसार आदेश पारित करने का निर्देश दिया गया।
दाखिल–खारिज मामलों में विधिवत नोटिस जारी करने, राजस्व कर्मचारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठक आयोजित करने तथा विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप लैंड बैंक के लिए भूमि प्रस्ताव उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया।
इसके अलावा अंचलाधिकारी-सह-नीलामपत्र पदाधिकारी को प्रत्येक माह न्यूनतम 50 हजार से 1 लाख रुपये तक वसूली सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया। जिला नीलामपत्र पदाधिकारी को सबसे पुराने एवं अधिक राशि वाले वादों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करने तथा प्रत्येक माह रजिस्टर-9 और रजिस्टर-10 का मिलान करने के भी निर्देश दिए गए।