सम्राट कैबिनेट के बड़े फैसले : ‘ग्लोबल कनेक्ट’ के साथ ‘नेक्स्ट लेवल’ गवर्नेंस की तैयारी, बिहार में सुरक्षा और उद्योग को मिलेगी नई रफ्तार

बिहार को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन, वैश्विक व्यापार और अभेद्य सुरक्षा के नक्शे पर मजबूती से स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई ऐतिहासिक फैसलों पर मुहर लगा दी गई है। राज्य सरकार ने इस बैठक में जहां तकनीकी संस्थानों की सूरत बदलने के लिए ‘युवा पेशेवर चयन नीति-2026’ को मंजूरी दी, वहीं अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को नया आयाम देते हुए गया से बैंकॉक के लिए सीधी हवाई सेवा शुरू करने का बड़ा फैसला लिया।

न्यूज स्कैन ब्यूरो, पटना
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में कैबिनेट के ये फैसले साफ संकेत देते हैं कि बिहार अब एक नए विजन और ‘ग्लोबल कनेक्ट’ की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
गया से बैंकॉक सीधी उड़ान: पर्यटन और विदेशी निवेश को लगेंगे पंख
कैबिनेट बैठक में ‘ग्लोबल कनेक्ट’ के तहत सबसे बड़ा फैसला बौद्ध सर्किट को सीधे अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्ग से जोड़ने का है। अब विदेशी पर्यटकों और कारोबारियों की सुविधा के लिए गया से सीधे बैंकॉक के लिए इंडिगो एयरलाइंस की नॉन-स्टॉप उड़ान सेवा शुरू होने जा रही है। सम्राट सरकार इस सेवा की व्यवहार्यता सुनिश्चित करने के लिए अधिकतम 12 महीने के लिए 10 करोड़ 40 लाख रुपये की सब्सिडी देगी। इस सीधी हवाई सेवा से न केवल थाईलैंड और अन्य देशों से आने वाले बौद्ध श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी, बल्कि राज्य में होटल, परिवहन और स्थानीय व्यापार के क्षेत्र में रोजगार के बंपर नए अवसर पैदा होंगे।

तकनीकी संस्थानों में ‘यंग प्रोफेशनल’ नीति और डोभी में जलाशय का निर्माण
विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधीन इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों में नवाचार और शोध को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की कैबिनेट ने ‘युवा पेशेवर चयन नीति-2026’ को मंजूरी दे दी है। इसके जरिए तकनीकी संस्थानों को उनकी जरूरत के अनुसार तुरंत कुशल मानव संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे। इसके साथ ही, अमृतसर-कोलकाता इंडिजिटल कॉरिडोर के तहत गया जिले के डोभी में बनने वाले ‘इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर’ के पास उद्योगों की पानी की जरूरत को पूरा करने के लिए 428.08 करोड़ रुपये की लागत से एक विशाल जलाशय का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए बियाडा द्वारा अधिग्रहीत भूमि में से लगभग 324 एकड़ भूमि जल संसाधन विभाग को हस्तांतरित की जाएगी।

सुरक्षा तंत्र होगा अभेद्य: IG (बॉर्डर) का नया पद और नक्सलियों पर नकेल
बिहार की सीमाओं की सुरक्षा को ‘नेक्स्ट लेवल’ पर ले जाते हुए सरकार ने एक बेहद कड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय सीमाओं की सुरक्षा और खुफिया तंत्र को मजबूत करने के लिए विशेष शाखा (Special Branch) के तहत पुलिस महानिरीक्षक, बॉर्डर यानी ‘आईजी (बॉर्डर)’ का एक नया पद सृजित किया गया है। यह नया पद सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की सघन निगरानी करेगा और खुफिया सूचनाओं के विश्लेषण व समन्वय को मजबूत बनाएगा। इसके अलावा, नक्सलवाद से निपटने के लिए एसटीएफ (STF) में 50 सबसे कुशल पुलिसकर्मियों को 15 साल तक प्रतिनियुक्ति पर रखने का फैसला भी लिया गया है।

स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर और ग्रामीण विकास को भी रफ्तार
युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देने के लिए राज्य के तीन जिलों में स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। इसके तहत अरवल के जिकटिया में 6.81 एकड़ और औरंगाबाद के देव में 13.09 एकड़ जमीन पर खेल परिसर बनाए जाएंगे, जबकि सहरसा के सलखुआ में 6.61 एकड़ जमीन पर आउटडोर स्टेडियम का निर्माण होगा। साथ ही ग्रामीण स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा पर ग्रामीण स्थानीय निकायों को आकस्मिकता निधि से 747.97 करोड़ रुपये का अग्रिम देने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गई है।