भागलपुर श्रावणी मेला 2025-26: 1.14 करोड़ रुपये खर्च, जिला प्रशासन ने जारी किया उपयोगिता प्रमाण पत्र, सबसे अधिक वाटरप्रूफ पंडाल पर खर्च

न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर
भागलपुर जिला प्रशासन ने वर्ष 2025–26 के लिए आयोजित श्रावणी मेला व्यवस्था में किए गए खर्च का उपयोगिता प्रमाण पत्र जारी कर दिया है। जिला नजारत शाखा द्वारा जारी दस्तावेज़ के अनुसार मेला प्रबंधन एवं संबंधित व्यवस्थाओं पर 1 करोड़ 14 लाख 52 हजार 102 रुपये की राशि खर्च की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मेला आयोजन के लिए राजस्व विभाग द्वारा 1 करोड़ 30 लाख रुपये का आवंटन किया गया था। इसके विरुद्ध विभिन्न मदों में खर्च की गई राशि का विवरण जिला समाहरणालय, भागलपुर द्वारा प्रमाणित किया गया है।

श्रद्धालुओं और प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा खर्च

उपयोगिता प्रमाण पत्र में दर्शाया गया है कि सबसे अधिक खर्च श्रद्धालुओं के लिए वाटरप्रूफ पंडाल निर्माण पर किया गया, जिस पर लगभग 1 करोड़ 10 लाख 88 हजार रुपये व्यय हुए। इसके अलावा मेला क्षेत्र में सुरक्षा, नियंत्रण कक्ष, पुलिस बल, मीडिया सेल और अन्य व्यवस्थाओं पर भी राशि खर्च की गई।

इन व्यवस्थाओं पर हुआ खर्च

श्रद्धालुओं के लिए वाटरप्रूफ पंडाल
नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम)
स्थानीय पुलिस बल के लिए पंडाल
मीडिया सेल हेतु बैरिकेडिंग
मेला परिसर और गंगा घाटों पर बैरिकेडिंग
जनरेटर की व्यवस्था
वीआईपी/विशिष्ट अतिथियों के लिए आवास, स्वागत और आवागमन
ई–पीपल काउंटिंग मशीन की व्यवस्था (करीब 3.64 लाख रुपये)

कई मदों में शून्य खर्च

उपयोगिता प्रमाण पत्र में यह भी दर्शाया गया है कि कुछ मदों में कोई खर्च नहीं किया गया, जिन्हें शून्य (0.00) दिखाया गया है। वहीं कुछ व्यवस्थाओं को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाया गया है।

प्रशासन ने दी प्रमाणिकता

जिला नजारत उप समाहर्ता, भागलपुर द्वारा प्रमाणित किया गया है कि स्वीकृत सरकारी आवंटन के अनुरूप ही पूरी राशि का व्यय किया गया है। दस्तावेज़ पर 5 फरवरी 2026 की मुहर एवं अधिकृत हस्ताक्षर मौजूद हैं।

पारदर्शिता पर उठ सकते हैं सवाल

हालांकि प्रशासन ने खर्च का ब्योरा सार्वजनिक कर दिया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर एक ही मद वाटरप्रूफ पंडाल पर हुए भारी खर्च को लेकर पारदर्शिता और गुणवत्ता पर सवाल उठना तय माना जा रहा है।