न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर
चंपानगर स्थित महाशय ड्योढ़ी परिसर में संचालित, प्राचीन कला केंद्र चंडीगढ़ से मान्यता प्राप्त ज्योति कला संगम महाविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2025–26 के अंतर्गत प्रथम वर्ष से पंचम वर्ष तक के छात्र-छात्राओं की वार्षिक लिखित परीक्षा रविवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुई। यह परीक्षा चित्रकला, शास्त्रीय संगीत एवं कथक नृत्य विषयों में दो पालियों में आयोजित की गई।
परीक्षा का संचालन वीक्षक चंद्रशेखर मिश्र, सूरज कुमार, कौशल किशोर मंडल, ब्रजेश कुमार, नीतीश कुमार, विनोद रवि दास एवं रामचरित्र मंडल की उपस्थिति में अनुशासित वातावरण में किया गया।
इस अवसर पर केंद्र अधीक्षक चंचल कुमार सिंह ने बताया कि इस सत्र में विभिन्न कला विधाओं में लगभग 400 छात्राओं की सक्रिय उपस्थिति यह दर्शाती है कि आज भी युवाओं में कला के प्रति गहरी रुचि और आकर्षण बना हुआ है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय की स्थापना का मूल उद्देश्य यही रहा है कि समाज के हर वर्ग के बच्चे यहां से कला शिक्षा प्राप्त कर न केवल अपनी पहचान बनाएं, बल्कि सम्मानजनक जीवन-यापन का मार्ग भी प्रशस्त करें।
उन्होंने आगे कहा कि पिछले कई वर्षों से इस महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं सफल होकर सरकारी सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी कला के माध्यम से समाज और संस्कृति को समृद्ध कर रहे हैं।
परीक्षा के संचालन में रंगकर्मी कपिल देव रंग, पवन कुमार, कृष्ण मोहन, अशोक सिकदार, रिमझिम कुमारी सहित कई अन्य सहयोगियों का सराहनीय योगदान रहा।
महाविद्यालय प्रशासन ने सभी वीक्षकों, सहयोगियों एवं परीक्षार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आगे भी कला शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता और अनुशासन बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास किए जाते हैं।
































