सोशल मीडिया पर इन दिनों एक विदेशी महिला और एक स्थानीय युवक की कथित प्रेम कहानी का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि यह विदेशी महिला भागलपुर के ‘राहुल यादव’ नामक युवक की प्रेमिका है। लेकिन, जब इस वायरल वीडियो के पीछे की सच्चाई सामने आई, तो पूरी कहानी मनगढ़ंत और फर्जी निकली।
न्यूज स्कैन ब्यूरो, भागलपुर
जानकारी के मुताबिक यह वीडियो न तो भागलपुर का है और न ही इसमें दिख रहा युवक ‘राहुल यादव’ है। असल में, यह वीडियो पूर्णिया का है और यह विदेशी महिला इंग्लैंड से आदिवासी संस्कृति समझने आई एक टीम का हिस्सा है। जानिए कि क्या है वायरल वीडियो का सच? झारखंड और बिहार में पिछले 15 वर्षों से शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और आजीविका के क्षेत्र में काम कर रही स्वयंसेवी संस्था ‘साथी’ (SATHEE – Society for Advancement in Tribes, Health, Education and Environment) के निमंत्रण पर यूनाइटेड किंगडम (UK) से एक टीम बिहार आई थी।
संस्था के अनुसार, 7 और 8 अक्टूबर 2026 को इस विदेशी टीम के सदस्य— ओलिविया बेल्वर, विक्टोरिया डेनिस, साइमन कॉफ़ी, एंड्रिया कोनोली, बेथन थॉमस और एरिन फिंगलटन— आदिवासी संस्कृति को करीब से देखने और समझने के लिए पूर्णिया पहुंचे थे। इसी सांस्कृतिक दौरे के दौरान किसी शरारती तत्व ने गलत मंशा से वीडियो रिकॉर्ड कर लिया और उसे झूठी प्रेम कहानी का एंगल देकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
युवक ने खुद सामने आकर बताई सच्चाई
वीडियो में जिस युवक को ‘राहुल यादव’ बताकर विदेशी महिला का प्रेमी बताया जा रहा है, उसने खुद इस पूरे मामले का खंडन किया है। युवक ने स्पष्ट किया है कि उसका नाम राहुल यादव नहीं है और इस पूरे मामले से उसका कोई लेना-देना नहीं है। वग गढ़बनैली क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला है। युवक ने बताया, “मैं वहां केवल आयोजन देखने गया था। वीडियो के फ्रेम में मैं जरूर खड़ा हूँ, लेकिन मेरा इस तरह का कोई बयान या संबंध नहीं है। किसी कंटेंट क्रिएटर ने गलत तरीके से और गलत एंगल से मेरे वीडियो का इस्तेमाल कर इसे वायरल कर दिया है।”
भ्रामक जानकारी से छवि धूमिल करने की कोशिश
इस फर्जी वीडियो के कारण विदेशी मेहमानों के दौरे और स्वयंसेवी संस्था की छवि को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। संस्था ‘साथी’ ने इस भ्रामक वीडियो पर आपत्ति जताते हुए स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य केवल वास्तविक तथ्यों को समाज के सामने लाना है। संस्था ने अपील की है कि तथ्यहीन और फर्जी जानकारी फैलाने वाले ऐसे वीडियो पर भरोसा न करें और सच्चाई जानकर ही किसी खबर को आगे बढ़ाएं। वायरल हो रहा वीडियो एक फेक नैरेटिव का हिस्सा है। विदेशी महिला कोई प्रेमिका नहीं, बल्कि आदिवासी संस्कृति का अध्ययन करने आई ब्रिटिश टीम की सदस्य है और फ्रेम में दिख रहा युवक महज एक दर्शक था, जिसे झूठे दावे के साथ फंसाया गया।
































