बिहार के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने फैसला किया है कि अब प्रदेश की सभी 5,053 ग्राम पंचायतों में आधार सेवा केंद्र खोले जाएंगे। पंचायती राज निदेशक नवीन कुमार सिंह ने पहले चरण में 15 अप्रैल तक 2,000 पंचायतों में ये केंद्र शुरू करने का लक्ष्य रखा है।
न्यूज स्कैन ब्यूरो, पटना
जानिए इससे आम आदमी को मिलने वाली 5 बड़ी राहतें
- समय और पैसे की भारी बचत
अब तक गांव के लोगों को आधार कार्ड बनवाने या उसमें सुधार (नाम, पता, जन्मतिथि) कराने के लिए प्रखंड (ब्लॉक) या जिला मुख्यालय जाना पड़ता था। इसमें पूरा दिन बर्बाद होता था और आने-जाने का खर्च भी लगता था। अब यह काम आपकी अपनी पंचायत में ही हो जाएगा। - सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना होगा आसान
राशन कार्ड, पेंशन, किसान सम्मान निधि या बच्चों के स्कूल एडमिशन के लिए आधार अपडेट होना अनिवार्य है। पंचायत में केंद्र होने से लोग तुरंत अपना आधार ठीक करा सकेंगे, जिससे उनकी सरकारी सहायता या सब्सिडी नहीं रुकेगी। - बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए वरदान
उम्रदराज लोगों या दिव्यांगों के लिए लंबी दूरी तय करना और कतारों में खड़ा होना बहुत कष्टकारी होता था। अब घर के पास ही केंद्र होने से वे आसानी से अपनी बायोमेट्रिक डिटेल्स अपडेट करा पाएंगे। - मृत्यु प्रमाणपत्र में तेजी (24 घंटे के अंदर)
जानकारी के अनुसार, एक और क्रांतिकारी कदम उठाया गया है, अब मोक्षधाम या कब्रिस्तान में अंत्येष्टि के बाद मृतक के परिजनों को 24 घंटे के अंदर मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाएगा। इससे उत्तराधिकार और बीमा जैसे कार्यों में होने वाली देरी खत्म होगी। - सोलर लाइट से जगमगाएंगे गांव
आधार केंद्रों के साथ-साथ सरकार ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना’ पर भी काम कर रही है। अब तक 21 जिलों में 6.67 लाख से अधिक लाइटें लग चुकी हैं, जिससे रात के समय गांवों में सुरक्षा और आवाजाही बेहतर हुई है।
प्रथम चरण में इन जिलों पर फोकस
समीक्षा बैठक के दौरान पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, कटिहार और गया सहित 21 जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 15 अप्रैल तक केंद्रों की स्थापना सुनिश्चित करें।
































