नावाचारी शिक्षक डा रणधीर राणा ने बताया कि वीर बाल दिवस इतिहास का हिस्सा, इससे बच्चों को मिलती है प्रेरणा

न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल

जिला मुख्यालय स्थित बी वी गर्ल्स (+2) हाई स्कूल सुपौल में वीर बाल दिवस पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें स्कूल की छात्रा ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। नावाचारी शिक्षक डा. रणधीर कुमार राणा ने छात्राओं को बताया की वीर बाल दिवस हर साल 26 दिसंबर को मनाया जाता है, जो सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों की शहादत को याद करने के लिए मनाया जाता है। यह दिन साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह की बहादुरी और बलिदान को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है, जिन्होंने मुगल शासकों के अत्याचारों का सामना किया और अपने धर्म के लिए अपनी जान न्योछावर कर दी।
इस दिन की शुरुआत भारत सरकार ने 2022 में की थी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी। इस दिन को मनाने का उद्देश्य देश के बच्चों और युवाओं को साहिबजादों के बलिदान से परिचित कराना है और उन्हें साहस, सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करना है।
वीर बाल दिवस पर, देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें स्कूलों, कॉलेजों और गुरुद्वारों में विशेष आयोजन शामिल होते हैं। इस अवसर पर, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार भी प्रदान किए जाते हैं, जो बच्चों की उपलब्धियों को सम्मानित करने के लिए दिए जाते हैं।

वीर बाल दिवस का महत्व

वीर बाल दिवस हमें निम्नलिखित बातें सिखाता है।

  • साहस और बलिदान: यह दिन हमें साहस और बलिदान की कहानी याद दिलाता है और हमें अपने धर्म और देश के लिए खड़े होने के लिए प्रेरित करता है।
  • राष्ट्रीय एकता: यह दिन हमें राष्ट्रीय एकता और भाईचारे का संदेश देता है और हमें सभी धर्मों के लोगों को एकजुट होने के लिए प्रेरित करता है।
  • इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए सरकार एवं शिक्षा बिभाग के निर्देश में बी बी बालिका उच्च माध्यमिक (+2) विद्यालय सुपौल में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें अधिकांश छात्रा ने निबंध लेखन प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, चित्रकला इत्यादि में भाग लिया। जिसमें सिमरन, साक्षी शिवानी, पिंकी, रेशमा प्रवीण,ज्योति, दीपा, ज्योति, निशा, तनु,जूही, प्रीति, मंतसा, निक्कू, चांदनी प्रवीण इत्यादि का सराहनीय प्रयास रहा। धन्यवाद ज्ञापन प्रभारी प्रधानाध्यापक गोपाल चौधरी ने किया।