- केंद्रीय बजट 2026 पर भागलपुर से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं
न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026 को लेकर भागलपुर में राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। जहां एक ओर विपक्ष ने बजट को जनविरोधी और निराशाजनक बताया है, वहीं जदयू और भाजपा नेताओं ने इसे बिहार एवं देश के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण और दूरदर्शी करार दिया है।

“बजट से जनता की उम्मीदों पर फिरा पानी” – अजीत शर्मा
भागलपुर के पूर्व विधायक अजीत शर्मा ने केंद्रीय बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट देश की जनता की उम्मीदों के पूरी तरह विपरीत है। उन्होंने कहा कि बजट में किसानों, निम्न एवं मध्यम वर्ग तथा युवाओं के कल्याण के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है।
श्री शर्मा ने कहा कि विगत वर्षों में बिहार चुनाव को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा बार-बार बिहार का नाम लिया गया, लेकिन न तो पिछले बजट में और न ही इस बजट में बिहार को कोई विशेष सौगात दी गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट कुछ चुनिंदा पूंजीपतियों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जबकि शिक्षा, रोजगार और महंगाई जैसे मुद्दों पर आम जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है।

“बिहार के विकास को गति देगा बजट” – राकेश कुमार ओझा
वहीं जनता दल (यूनाइटेड) के नेता राकेश कुमार ओझा ने केंद्रीय बजट की सराहना करते हुए इसे बिहार के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि बजट में कृषि अवसंरचना के विस्तार, सिंचाई सुविधाओं को सशक्त करने, पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, पीएम आवास योजना और जल जीवन मिशन को गति देने की घोषणाएं बिहार के लिए लाभकारी साबित होंगी।
श्री ओझा ने कहा कि युवाओं के लिए कौशल विकास एवं रोजगार सृजन तथा महिलाओं के लिए स्वयं सहायता समूहों और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का धन्यवाद देते हुए कहा कि उनकी दूरदर्शी नीतियों से बिहार विकास के नए रास्ते पर आगे बढ़ेगा।

“आशा और आकांक्षाओं का बजट” – भाजपा
भाजपा नेता ओमप्रकाश उपाध्याय ने बजट को आशा और आकांक्षाओं का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह बजट “नए भारत” और “विकसित भारत” की संकल्पना को मजबूती देता है। उन्होंने कहा कि बजट में गरीब, किसान, युवा, महिलाएं और मध्यम वर्ग सभी का ध्यान रखा गया है। उन्होंने आयुष्मान भारत, स्वास्थ्य क्षेत्र के विस्तार, रेलवे परियोजनाओं, मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, एमएसएमई ग्रोथ के लिए 10 हजार करोड़ रुपये, कैंसर व शुगर जैसी बीमारियों की दवाइयों को सस्ता करने तथा बिहार में शिप रिपेयरिंग सेंटर, गर्ल्स हॉस्टल जैसी योजनाओं को महत्वपूर्ण बताया।
इसी क्रम में भागलपुर खाद्यान्न संघ के उपाध्यक्ष अभिषेक कुमार जैन ने बजट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2047 तक विकसित भारत की दूरदृष्टि का मील का पत्थर बताया।

उन्होंने कहा कि यह बजट गति, क्षमता और समावेशी विकास—इन तीन स्तंभों पर आधारित है और समाज के हर वर्ग को छूता है। युवाओं के लिए रोजगार सृजन और सांस्कृतिक विरासत को पर्यटन से जोड़ने की पहल को उन्होंने विशेष रूप से सराहा।
































