नशा मुक्त बिहार में नशे ने ली दो युवकों की जान, ऑटो से मिले शव, ड्रग्स और इंजेक्शन बरामद

न्यूज स्कैन ब्यूरो, कैमूर
कैमूर जिले के सोनहन थाना क्षेत्र अंतर्गत बहुअन गांव में नशा मुक्त बिहार के दावों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नशा खुरानी की दर्दनाक घटना में गांव के दो युवकों की मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। दोनों युवकों के शव एक ऑटो से बरामद किए गए हैं, वहीं घटनास्थल से ड्रग्स की पुड़िया और इंजेक्शन की सिरिंज भी मिली है।
मृतकों की पहचान बहुअन गांव निवासी शुभाष तिवारी और अनिल राम के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों युवक लंबे समय से नशे के आदी थे और इंजेक्शन के माध्यम से ड्रग्स का सेवन कर रहे थे।
हनुमान जयंती की खुशियां मातम में बदलीं
ग्रामीणों के अनुसार, शुक्रवार को हनुमान जयंती के अवसर पर गांव में महाबीरी झंडा और दंगल कार्यक्रम का आयोजन हुआ था। गांव में उत्सव का माहौल था। इसी दौरान शुभाष तिवारी और अनिल राम अपने ऑटो से गांव के बधार की ओर चले गए, जहां एकांत स्थान पर दोनों ने इंजेक्शन के जरिए ड्रग्स का सेवन किया।
नशे की हालत में दोनों को रात बीत जाने का भी एहसास नहीं हुआ। बताया जा रहा है कि अत्यधिक नशे के कारण दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों को लगा कि गांव में चल रहे कार्यक्रम के कारण दोनों कहीं सो गए होंगे।
सुबह खेत जाने पर हुआ खुलासा
शनिवार की सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर गए तो उन्होंने देखा कि ऑटो में दोनों युवक बैठे हुए हैं। आवाज लगाने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। पास जाकर देखने पर दोनों की मौत हो चुकी थी। इसके बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और घटना की सूचना पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही सोनहन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के दौरान ऑटो से ड्रग्स की पुड़िया और इंजेक्शन की सिरिंज बरामद की गई।
परिजनों का फूटा दर्द
मृतक शुभाष तिवारी के परिजन मनोज तिवारी ने रोते-बिलखते बताया कि दोनों युवक करीब एक साल से ड्रग्स के आदी हो गए थे। परिवार के लोग कई बार उन्हें समझाते रहे, लेकिन वे किसी की बात नहीं मानते थे। आज उसी नशे ने उनकी जान ले ली।
पुलिस जांच में जुटी
इस संबंध में भभुआ डीएसपी मनोरंजन भारती ने बताया कि दो युवकों की नशे के कारण मौत हुई है। घटनास्थल से ड्रग्स और इंजेक्शन बरामद किए गए हैं। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भभुआ सदर अस्पताल भेज दिया गया है। मामले की गहन जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।
नशा मुक्त बिहार पर फिर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर नशा मुक्त बिहार के दावों की हकीकत उजागर कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में ड्रग्स का कारोबार लंबे समय से फल-फूल रहा है, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं।