ट्रेड यूनियन संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर जिला समाहरणालय पर विरोध प्रदर्शन

न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल

दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त आह्वान पर चार लेबर कोड और भी बी ग्रामजी कानून ,बुलडोजर राज, दुष्कर्म और हत्या के खिलाफ यूजीसी रेगुलेशन 26 ,सभी भूमिहीनों को 5 डिसमल जमीन और आवास ,लोकतंत्र और संविधान की रक्षा और हत्या से सुरक्षा के लिए ट्रेड यूनियन संयुक्त संघर्ष समिति सुपौल के नेतृत्व में गांधी मैदान से देश व्यापी आम हड़ताल के तहत प्रदर्शन की शुरुआत की गई। सुपौल के मुख्य मार्गों का भ्रमण करते हुए जिला समाहरणालय पहुंचकर सभा मे तब्दील हो गया जिसकी अध्यक्षता ऐक्टू सह खेग्रामस के जिला अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी ने की।
सभा को संबोधित करते हुए ट्रेड यूनियन संयुक्त संघर्ष समिति के जिला संयोजक सह ऐक्टू जिला सचिव अरविन्द कुमार शर्मा ने कहा लाखों मजदूरों के शहादत के बाद मजदूरों के हित के 44 श्रम कानून अंग्रेजों के जमाने में बने थे। जिसमें यूनियन बनाने, न्याय पूर्ण आंदोलन करने ,सम्मानजनक रोजगार और वेतन पाने और हड़ताल करने और बकाया मजदूरी पाने के सारे अधिकार पाने के लिए कोर्ट तक जाने के अधिकार था ।उस सभी कानूनों को रद्द कर मोदी सरकार चार लेबर कोड लाकर मजदूरों को मालिकों के गुलाम बनाने पर आमादा है। इसके खिलाफ देश के मजदूर संघर्ष करने के लिए तैयार है।
निर्माण मजदूरों को सामाजिक देने के लिए जो कल्याण बोर्ड बनाया गया है।उस लाभ को देने में सरकार विभिन्न तरह का गैर जरूरी शर्त लगाकर और निबंधन और योजना भुगतान के पोर्टल को बंद कर मजदूरों को लाभ से वंचित कर रही है। सुपौल श्रम अधीक्षक कार्यालय में श्रम अधीक्षक निबंधन और योजना भुगतान में अपने खास दलाल के द्वारा 50 प्रतिशत की राशि की उगाही की जाती है। जिलाधिकारी से मांग करते है कि श्रम के कार्यकाल के उच्च स्तरीय जांच कराई जाय और उसके खास दलाल को गिरफ्तार किया जाय। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले के जिला सचिव जयनारायण यादव ने कहा कि बिहार सरकार सत्ता के नशें में चूर होकर गरीबों के घरों पर बुलडोजर चला रहा है। हम सरकार से मांग करते हैं कि बुलडोजर कार्यवाही पर अबिलम्ब रोक लगाकर सभी गरीबों को 5 डिसमल जमीन आवास और मनरेगा को पुनः बहाल कर खेत मजदूरों को साल में 300 दिन काम 1000 रुपया दैनिक मजदूरी की गारंटी की जाय।
सभा को अखिल भारतीय किसान महासभा के नेता सह पिपरा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी अनिल कुमार ने कहा कि मोदी सरकार अमेरिका के साथ व्यापार समझौता कर देश के स्वतंत्रता और संप्रभुता को अमेरिका के हाथों गिरवी रखकर देश के किसानों को तबाह और बर्बाद करने पर आमादा है। यह समझौता देश के किसानों के मौत का फरमान है।सरकार को इसे तुरंत रद्द करना चाहिए। सीटू और बिहार प्रदेश किसान सभा के जिला सचिव राजेश कुमार ने कहा कि देश मे लोकतंत्र और संविधान के रक्षा और न्याय के लिए उठने वाले हर आवाज को सरकार जेल के सलाखों में बंदकर खत्म करना चाहती है।विरोध लोकतंत्र की प्राणवायु है।इसे हम कभी खत्म नहीं होने देंगे। सभा को ऐक्टू नेता रामचंद्र शर्मा ,ब्रह्मदेव सदा, फिरोज आलम, खेग्रामस के जिला सचिव जनमेजय राय, आइसा नेता अमित कुमार चौधरी, किसान नेता अरुण कुमार यादव,माले नेता दीन मोहम्मद, प्रमिला देवी। रसोइया संघ के राज्य उपाध्यक्ष सदानंद राम,माकपा के जिला सचिव नीतू सिंह यादव। माकपा नेता अरुण यादव,सुरेंद्र चौधरी,एटक सह भाकपा के जिला सचिव विद्यानंद कामत ,कमल शर्मा,फुलेंद्र शर्मा,रघुनंदन पासवान सहित दर्जनों लोंगो ने संबोधित किया।