सुपौल अभियंत्रण महाविद्यालय में तीन दिवसीय जिला एवं राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता का हुआ समापन

न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल

विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, बिहार सरकार के अंतर्गत संचालित सुपौल अभियंत्रण महाविद्यालय, सुपौल में बिहार कौशल विकास मिशन के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय जिला एवं राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता 2025–26 का गुरुवार को तीसरे एवं अंतिम दिन सफल, सुव्यवस्थित एवं गरिमामय समापन हुआ।जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागियों ने तकनीकी, व्यावहारिक एवं नवाचार आधारित कौशलों में अपनी दक्षता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
तीन दिनों तक चले इस व्यापक कौशल आयोजन में वेब टेक्नोलॉजीज, क्लाउड कंप्यूटिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन, सीएनसी टर्निंग, सीएनसी मिलिंग, केमिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी, नवीकरणीय ऊर्जा, ब्रिकलेइंग तथा मोबाइल एप्लिकेशन डेवलपमेंट सहित 10 विभिन्न ट्रेड्स में कुल 107 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिससे यह आयोजन राज्य के प्रमुख कौशल कार्यक्रमों में से एक के रूप में उभर कर सामने आया।
समापन दिवस पर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन, सीएनसी मिलिंग, नवीकरणीय ऊर्जा, ब्रिकलेइंग एवं मोबाइल एप्लिकेशन डेवलपमेंट जैसे कुल छह राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें बिहार के विभिन्न जिलों से आए 38 प्रतिभागियों ने भाग लेकर अपनी तकनीकी दक्षता, समस्या समाधान क्षमता एवं व्यावहारिक समझ का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
इलेक्ट्रॉनिक्स कौशल प्रतियोगिता में नवीन कुमार, रवि रंजन, एवं शादाब आज़म सिद्दीकी की तीन सदस्यीय ज्यूरी टीम ने प्रतिभागियों के डिवाइस डिजाइन, परीक्षण एवं विश्लेषण क्षमता का मूल्यांकन किया, जबकि इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन प्रतियोगिता में अजय आनंद, सूरज कुमार एवं मोहम्मद वारिस सेनन ने सुरक्षा मानकों, वायरिंग सटीकता एवं इंस्टॉलेशन प्रक्रिया के आधार पर प्रतिभागियों के प्रदर्शन का आकलन किया।
इसी क्रम में सीएनसी मिलिंग प्रतियोगिता में आनंद प्रकाश, पम्मी कुमारी एवं रौशनी सुमन द्वारा मशीन संचालन, टूल चयन एवं सटीकता का परीक्षण किया गया, वहीं नवीकरणीय ऊर्जा प्रतियोगिता में ओम प्रकाश दुबे, डॉ. राजा गांधी एवं पंकज सिंह ने ऊर्जा प्रणालियों की समझ, दक्षता एवं नवाचार के आधार पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया।
ब्रिकलेइंग कौशल प्रतियोगिता में अजमत रजा, डॉ. चंद्र शेखर कुमार एवं अमृता ने संरचनात्मक सटीकता, माप एवं कार्य गति को परखा, जबकि मोबाइल एप्लिकेशन डेवलपमेंट प्रतियोगिता में गोपाल कृष्णा, गौरव कुमार, एवं फूल कुमारी ने एप डिजाइन, कार्यक्षमता, यूज़र इंटरफेस एवं समस्या समाधान क्षमता के आधार पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया।
सभी प्रतियोगिताएँ बिहार कौशल विकास मिशन द्वारा निर्धारित राष्ट्रीय कौशल मानकों एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित की गईं, जिनमें प्रत्येक कौशल में तीन सदस्यीय ज्यूरी पैनल द्वारा निष्पक्ष, पारदर्शी एवं गुणवत्ता-आधारित मूल्यांकन प्रक्रिया अपनाई गई।
समापन अवसर पर कार्यक्रम के नोडल पदाधिकारी सह डीन एकेडेमिक्स, सुपौल अभियंत्रण महाविद्यालय, डॉ. चन्दन कुमार ने तीन दिवसीय आयोजन पर विस्तृत प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह कौशल प्रतियोगिता केवल प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह विद्यार्थियों और युवाओं के लिए सीखने, प्रयोग करने, गलतियों से सुधार करने और वास्तविक औद्योगिक परिस्थितियों को समझने का एक समग्र मंच साबित हुई है, जहाँ प्रतिभागियों ने तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ अनुशासन, समय प्रबंधन, टीम भावना और समस्या-समाधान कौशल का भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि वेब टेक्नोलॉजीज, क्लाउड कंप्यूटिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल, सीएनसी, केमिकल, नवीकरणीय ऊर्जा, ब्रिकलेइंग और मोबाइल एप्लिकेशन जैसे विविध क्षेत्रों में आयोजित इन प्रतियोगिताओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बिहार के युवा किसी भी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने में पूर्णतः सक्षम हैं, बशर्ते उन्हें सही मार्गदर्शन, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराया जाए।
डॉ. चन्दन कुमार ने आगे कहा कि तीन दिनों में कुल 107 प्रतिभागियों की सक्रिय और अनुशासित भागीदारी यह दर्शाती है कि कौशल आधारित शिक्षा की ओर युवाओं का झुकाव लगातार बढ़ रहा है, और ऐसे आयोजनों के माध्यम से न केवल उनकी रोजगार क्षमता में वृद्धि होती है, बल्कि उनमें आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास भी विकसित होता है, जो वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
उन्होंने बिहार कौशल विकास मिशन के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि बीसीडीएम और सुपौल अभियंत्रण महाविद्यालय के बीच यह समन्वय भविष्य में और अधिक व्यापक स्तर पर कौशल विकास कार्यक्रमों, प्रशिक्षण कार्यशालाओं तथा उन्नत प्रतियोगिताओं के आयोजन का मार्ग प्रशस्त करेगा, जिससे राज्य के युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष और उद्योगोन्मुख बनाया जा सकेगा।
अपने समापन वक्तव्य में उन्होंने यह भी कहा कि इस तीन दिवसीय कौशल प्रतियोगिता से प्राप्त अनुभवों और सुझावों के आधार पर आने वाले समय में प्रतियोगिताओं को और अधिक उन्नत, व्यावहारिक तथा उद्योग से सीधे जुड़ा हुआ बनाया जाएगा, ताकि बिहार का युवा न केवल रोजगार खोजने वाला बने, बल्कि रोजगार सृजन करने वाला भी बन सके।
प्राचार्य डॉ. अच्युतानंद मिश्र ने आयोजन के सफल समापन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सुपौल अभियंत्रण महाविद्यालय में आयोजित यह तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता संस्थान की शैक्षणिक प्रतिबद्धता, प्रशासनिक समन्वय एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का सशक्त उदाहरण है, जो बिहार सरकार के कुशल, सक्षम एवं आत्मनिर्भर युवा निर्माण के लक्ष्य को मजबूती प्रदान करती है।
संस्थान के मीडिया प्रभारी कमर तबरेज ने बताया कि तीन दिनों तक चले इस सफल आयोजन के समापन के साथ ही महाविद्यालय परिसर में प्रतिभागियों, ज्यूरी सदस्यों एवं आयोजकों के बीच उत्साह, संतोष एवं सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का भाव स्पष्ट रूप से देखने को मिला, और यह कौशल प्रतियोगिता राज्य में कौशल आधारित शिक्षा एवं रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण को नई दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध हुई।