हत्या के मामले में तीन अभियुक्तों को दोषी पाकर आजीवन कारावास की सजा: प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सुनायी सजा

न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनंत सिंह की अदालत ने गुरुवार को वीरपुर थाना कांड संख्या 85/20 से जुड़े बहुचर्चित हत्याकांड में अहम फैसला सुनाया। अदालत ने तीन अभियुक्तों को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जबकि कुल 13 आरोपियों में से 09 को पूर्व में बाइज्जत बरी कर दिया गया । अदालत ने जगदीश करोजिया, मनीष कुमार यादव एवं कुंदन कुमार गोईत को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास एवं 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड की राशि अदा नहीं करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा तीनों दोषियों को भादवि की धारा 307/34 के तहत 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना नहीं देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वहीं आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत जगदीश करोजिया एवं मनीष कुमार यादव को चार वर्ष का कारावास एवं पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई है। जुर्माना नहीं देने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
मालूम हो कि 7 मई 2020 की रात वीरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बाढ़ आश्रय टिहली भवन के समीप पूर्व से घात लगाए अपराधियों ने गोलीबारी कर पूर्व पैक्स अध्यक्ष गणेश यादव एवं उनके भांजे प्रदीप यादव को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। दोनों कोशिकापुर राम जानकी चौक स्थित अपनी दुकान बंद कर बाइक से घर लौट रहे थे। घटना में गोली लगने से प्रदीप यादव की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गणेश यादव गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक अमर कुमार दास ने पक्ष रखा। जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता विनोद कांत झा, राज कुमार सिंह, तेज नारायण गुप्ता एवं संजय कुमार सिंह ने बहस में हिस्सा लिया। अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 26 गवाह प्रस्तुत किए गए, जबकि बचाव पक्ष की ओर से मात्र तीन गवाह पेश किए गए।
गोलीबारी में भांजे की हो गयी थी मौत, बाल-बाल बचे मामा
गोली लगने से भांजा प्रदीप यादव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गणेश यादव गंभीर रूप से जख्मी हो गए. घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई। इस मामले में घायल गणेश यादव की पत्नी के आवेदन पर वीरपुर थाना कांड संख्या 85/20 दर्ज किया गया। आवेदन में कुल 13 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था।

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