महागठबंधन में तेजस्वी तय, NDA में अब भी सस्पेंस – कौन बनेगा बिहार का अगला मुख्यमंत्री?

प्रभात कुमार, वरिष्ठ पत्रकार


बिहार में 2025 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह बन गया है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। पिछले 20 सालों में केवल 10 महीने को छोड़कर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नीतीश कुमार का ही वर्चस्व रहा है। इस बार की राजनीति में यह तय होना है कि बिहार में भाजपा और एनडीए का सपना पूरा होगा या नहीं।
महागठबंधन की तरफ से राष्ट्रीय जनता दल ने अपने चेहरे के रूप में विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को स्पष्ट रूप से तय कर दिया है। वहीं एनडीए में मुख्यमंत्री पद को लेकर स्थिति जटिल है। गृह मंत्री अमित शाह का कहना है कि मुख्यमंत्री का फैसला चुनाव के बाद विधायक दल करेगा, जबकि पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी का मानना है कि नीतीश कुमार ही अगले मुख्यमंत्री होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मामले पर अभी चुप हैं, हालांकि उन्होंने चुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले चेहरे को अहम बताया।
एनडीए में ज्यादातर नेताओं ने स्पष्ट किया है कि बिहार में मुख्यमंत्री पद के लिए कोई वैकेंसी नहीं है। भाजपा के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा, सम्राट चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल भी इस पर कोई भ्रम नहीं छोड़ रहे। इसके बावजूद, केवल लोक जनशक्ति पार्टी के सुप्रीमो चिराग पासवान ही ऐसे नेता हैं जो अगले मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार को पसंद नहीं करते।
लोकसभा चुनाव 2024 के आंकड़े भी इस बहस को और बढ़ा रहे हैं। भाजपा को बिहार में 20.52% वोट मिले थे, जबकि जनता दल (यूनाइटेड) को 18.52% वोट। लोकसभा चुनाव में जदयू ने भाजपा से एक सीट कम लड़ी और वोट शेयर में केवल दो प्रतिशत का अंतर रहा। यह दर्शाता है कि जदयू ने भाजपा के साथ लगभग बराबरी की सफलता हासिल की।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा के थिंक टैंक ने अगले मुख्यमंत्री के रूप में नित्यानंद राय के नाम पर विचार किया है। इसके साथ ही डिप्टी सीएम के रूप में चिराग पासवान और केंद्रीय राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर को पार्टी का चेहरा बनाने की योजना चल रही है। भाजपा ने 101 सीटों में से 52 सीटों पर पिछड़ा, अति पिछड़ा और अल्पसंख्यक वोटरों के लिए उम्मीदवार दिए हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा, जदयू और लोजपा आर में मुख्यमंत्री पद को लेकर राजनीतिक खेल जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के अगले कदम पर ही बिहार की राजनीति की दिशा तय होगी। अब पूरे राज्य की नजरें अगले जनसभा और मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा पर टिकी हैं।