नवगछिया में शिक्षा की नई क्रांति: टेक्नो मिशन इंटरनेशनल स्कूल में 11वीं के नामांकन के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू

न्यूज स्कैन ब्यूरो, भागलपुर/नवगछिया
नवगछिया और आसपास के छात्र-छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा अवसर सामने आया है। जगतपुर स्थित टेक्नो मिशन इंटरनेशनल स्कूल ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 11वीं में नामांकन की प्रक्रिया का औपचारिक शुभारंभ कर दिया है। यह विद्यालय सीबीएसई (CBSE) से 12वीं तक मान्यता प्राप्त इस क्षेत्र का एकमात्र निजी स्कूल है, जो स्कूली शिक्षा के साथ-साथ उच्च स्तरीय कोचिंग की सुविधा भी प्रदान कर रहा है।

मल्टीपल कोचिंग: एक ही छत के नीचे करियर के कई रास्ते
विद्यालय प्रबंधन ने छात्रों की सुविधा के लिए “एक ही छत के नीचे” कई कोर्स शुरू किए हैं, ताकि उन्हें अलग-अलग संस्थानों के चक्कर न काटने पड़ें:

नियमित स्कूली शिक्षा: कक्षा 11वीं और 12वीं की विधिवत पढ़ाई।

इंजीनियरिंग व मेडिकल: आईआईटी (IIT-JEE) और नीट (NEET) की विशेष तैयारी।

प्रोफेशनल कोर्सेज: क्लैट (CLAT) और सीए (CA) जैसे करियर के लिए विशेषज्ञ मार्गदर्शन।

विविध प्रतियोगी परीक्षाएं: अन्य सभी प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग की सुविधा।

तीनों संकाय: विज्ञान (Science), कला (Arts) और वाणिज्य (Commerce) तीनों विषयों में पढ़ाई और करियर काउंसलिंग।

बाहर जाकर पढ़ने की चुनौतियों का समाधान
विद्यालय के निदेशक अंशु सिंह ने अभिभावकों और छात्रों को संबोधित करते हुए बाहर जाकर पढ़ने की व्यावहारिक समस्याओं पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि :-

आर्थिक बोझ: बड़े शहरों (कोटा, पटना, दिल्ली) में जाकर पढ़ने से अभिभावकों का खर्च दो से चार गुना तक बढ़ जाता है।

सुरक्षा और स्वास्थ्य: घर से दूर रहने पर बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां होती हैं।

सामाजिक चुनौतियां: कम उम्र में अकेले रहने पर बच्चों में मोबाइल की लत, नशे की आदत और गलत संगति में पड़ने का खतरा बना रहता है।

अभिभावकीय मार्गदर्शन: निदेशक के अनुसार, प्रत्यक्ष मार्गदर्शन के अभाव में कई होनहार बच्चे रास्ता भटक जाते हैं। घर के पास एक सुरक्षित वातावरण में रहकर छात्र बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे।

22 वर्षों का गौरवशाली इतिहास और अनुभव
संस्थान ने अपनी सफलता के आंकड़े भी साझा किए हैं:

संस्थान का अनुभव: टेक्नो मिशन इंटरनेशनल स्कूल पिछले 22 वर्षों से शिक्षा प्रदान कर रहा है।

निदेशक का अनुभव: निदेशक अंशु सिंह का व्यक्तिगत शैक्षणिक अनुभव 38 वर्षों का है।

सफलता का ट्रैक रिकॉर्ड: उनके मार्गदर्शन में अब तक हजारों छात्र आईआईटी और नीट जैसी कठिन परीक्षाओं में सफल होकर देश-विदेश में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

जिला स्तर पर पहचान: केवल विज्ञान ही नहीं, बल्कि कला और वाणिज्य संकाय के छात्रों ने भी जिला स्तर पर अव्वल प्रदर्शन कर अपनी पहचान बनाई है।