स्वामी विवेकानंद का जीवन-दर्शन आज भी प्रासंगिक : डॉ. दिनकर

  • पूरनमल बाजोरिया टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में विवेकानंद जयंती एवं पूर्ववर्ती छात्र सम्मेलन का आयोजन

न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर

पूरनमल बाजोरिया टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, नरगाकोठी, चम्पानगर में स्वामी विवेकानंद जयंती एवं पूर्ववर्ती छात्र सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कॉलेज की पत्रिका ‘दृष्टि’ का विमोचन किया गया, साथ ही कॉलेज के नामांकन प्रोस्पेक्टस और हैंड बुक को भी जारी किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि टीएमबीयू के पीआरओ एवं एसएम कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग के सीनियर असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. दीपक कुमार दिनकर थे। उद्घाटन समारोह में प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार वर्मा और मुख्य अतिथि डॉ. दिनकर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का संचालन आकांक्षा कुमारी और लक्की कुमारी ने किया।
मुख्य अतिथि डॉ. दीपक कुमार दिनकर ने स्वामी विवेकानंद के जीवन-दर्शन और चिंतन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके विचार सभी कालों में प्रासंगिक रहेंगे। उन्होंने बताया कि विवेकानंद न केवल महान संत और सन्यासी थे, बल्कि वे अद्वितीय विचारक, चिंतक और दार्शनिक भी थे। डॉ. दिनकर ने कहा कि स्वामीजी का सम्पूर्ण दर्शन एक जीवंत पाठशाला के समान है, जिसमें आत्मज्ञान, आत्मनिर्भरता और शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दिशा निहित है।
उन्होंने विवेकानंद के 1890 में भागलपुर आगमन का संदर्भ देते हुए कहा कि बरारी स्थित वॉटर वर्क्स क्षेत्र में उनकी प्रतिमा आज भी उनकी याद दिलाती है। इसके अलावा उन्होंने तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में स्वामी विवेकानंद चेयर और रिसर्च सेंटर की स्थापना की आवश्यकता पर भी बल दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत गीत से हुआ, जिसमें स्वाति कुमारी, आकांक्षा कुमारी, संदीपा भारती, काजल कुमारी एवं सौम्य कुमारी ने सांगीतिक प्रस्तुति दी। वाद्य यंत्र पर संगीत शिक्षक धीरज कुमार मिश्र एवं मधुर कुमार ने लय दी।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के पूर्व छात्र रजनीगंधा, शिवानी चंचल, स्वाति रानी, विवेक भारती, आनन्द भूषण सहाय, संदीपा भारती और शुभम् कुमार ने स्वामी विवेकानंद की जीवनी, शिक्षा और विचारधारा पर भाषण एवं चर्चा की। बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे और कार्यक्रम का उत्साह बढ़ाया।
धन्यवाद ज्ञापन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार वर्मा ने किया। विषय प्रवेश डॉ. राजकुमार ठाकुर ने कराया। कार्यक्रम में प्राध्यापक डॉ. राजकुमार ठाकुर, डॉ. गौरीशंकर मिश्र, प्रकाश लाल जयसवाल, राजीव शुक्ला, डॉ. रौशन कुमार सिन्हा, डॉ. अजीत कुमार दुबे, डॉ. शैलेश मिश्र, आदिति कारवा, डॉ. शुचि झा, पूजा कुमारी, माधव कृष्ण कुमार, धीरज कुमार मिश्र सहित शिक्षकेत्तर कर्मचारी उपस्थित थे।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम् के साथ किया गया। महाविद्यालय के पूर्व छात्र और छात्राओं ने कॉलेज की शिक्षण व्यवस्था और अनुशासन की सराहना की और पुराने दिनों को याद कर भावुक हो उठे।