- न्यायालय का उद्देश्य समाज में न्याय ,समानता और विधि के शासन को सुदृढ़ करना: न्यायाधीश
न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल
सुपौल व्यवहार न्याय मंडल का ग्यारह वां स्थापना दिवस शनिवार को गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं राष्ट्रीय गीत के साथ किया गया।
इस अवसर पर न्यायाधीश व्यवहार न्याय मंडल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिलाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक, सम्मानित अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए न्यायाधीश महोदय ने कहा कि न्यायालय का उद्देश्य समाज में न्याय, समानता एवं विधि के शासन को सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी के बढ़ते उपयोग के माध्यम से न्यायिक प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं सुलभ बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास जारी है।
जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि न्यायिक व्यवस्था समाज की आधारशिला है तथा जिला प्रशासन हर संभव सहयोग के साथ विधि व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण हेतु प्रतिबद्ध है। उन्होंने न्यायालय एवं प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय को जनता के हित में महत्वपूर्ण बताया।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि कानून व्यवस्था को तरीके से लागू करना न्यायालय की अपेक्षाओं को पूरा करने की दिशा में पुलिस विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने केस निपटान में गति, अनुसंधान की गुणवत्ता एवं पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं न्यायालय कर्मियों ने स्थापना दिवस की बधाइयाँ दीं तथा न्याय की त्वरित एवं निष्पक्ष सेवा के प्रति संकल्प लिया। केक काटकर हर्षोल्लास के साथ स्थापना दिवस मनाया गया। मौके पर न्यायालय परिसर में पौधरोपण भी किया गया। धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

































