न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल
भारत सरकार के पूर्व रेलमंत्री स्व. ललित नारायण मिश्र की 52वीं पुण्यतिथि शनिवार को उनके पैतृक गांव बलुआ बाजार स्थित ललितेश्वर नाथ शिव मंदिर पर राजकीय सम्मान के साथ मनाई गयी।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में सांसद दिलेश्वर कामेत, विधान पार्षद डॉ अजय सिंह, प्रभारी जिला पदाधिकारी एडीएम आपदा मो.तारिक अनवर, व पुलिस अधीक्षक आर.एस सरथ मौजूद रहे।वही पुलिस बल के जवानों ने सांसद कामेत सहित प्रभारी डीएम व एसपी को सलामी दी।उसके बाद पंडित आचार्य धर्मेंद्र नाथ मिश्र ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आगत मुख्य अतिथियों सहित एसपी को ललितेश्वर नाथ शिव मंदिर में पूजा अर्चना कराया फिर सांसद दिलेश्वर कामेत सहित आगत अतिथियों ने समाधि स्थल स्थित ललित बाबू के प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।उसके बाद मुख्य अतिथि कामेत सहित प्रभारी डीएम व एसपी ने मंच पर ललित बाबु के प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करते हुए दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।संबोधन से पहले मुख्य अतिथि सहित मंचा सीन सभी अधिकारियों का स्व. ललित बाबू के पुत्र संजय मिश्रा व उनके पौत्र सुमित मिश्रा ने मिथिला पाग व अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत किया गया।वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता व मंच संचालन छातापुर बीडीओ डॉ. राकेश कुमार गुप्ता ने किया।
वही सभा को संबोधित करते हुए सांसद दिलेश्वर कामेत ने कहा कि 2 फरवरी 1923 को इसी बलुआ की धरती पर ललित बाबू का जन्म हुआ था।इस बलुआ की धरती ने एक महान नेता,समाज सेवी कोसी के लाल को जन्म देने का काम किया।इसीलिए मैं बलुआ की धरती को नमन करता हूँ।कहा कि स्वंतंत्रता आंदोलन में उन्होंने भाग लिया और 1951 में पहली बार इस क्षेत्र से बिहार विधानसभा के सदस्य भी बने।जिसके बाद वो लगातार देश के विभिन्न पदों को शुशोभित करते हुए बिहार व देश के विकास में अहम योगदान दिया।कहा कि आज जो कोसी नदी में बराज का निर्माण हुआ है।उन्होंने ने ही नेपाल के साथ समझौता करवाकर कोसी में बराज व बांध निर्माण का कार्य पूर्ण करवाया।जब वो 1973 से 1975 तक रेल मंत्री रहे। उन्होंने पूरे कोसी में रेल का जाल बिछाया।आज हम उन्ही रेल लाइन को विस्तारित कर उनके सपने को पूरा करने का काम कर रहे है।कहा कि ललितग्राम से बीरपुर तक रेल लाइन सर्वेक्षण कार्य शरू है सर्वे के बाद जल्द ही इस पर भी काम शुरू होगा।वही ललितग्राम स्टेशन स्थित रेलवे के पास जो 70 एकड़ भूमि है उसमें भी वाशिंगपीट या कोई फेक्ट्री लगाने के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है।कहा अगर वाशिंग पीट का निर्माण होता है तो दूर दराज तक के ट्रैन का परिचालन यहा से संभव हो पाएगा।कहा कि कोसी नदी में बाढ़ नियंत्रण के लिए भी कोसी मची नदी लिंक परियोजना का काम शुरू है कार्य पूर्ण होने के बाद उत्तरी-दक्षणी बिहार जो बाढ़ से ग्रसित रहता उससे मुक्ति मिलेगी।
वही विधान पार्षद डॉ अजय सिंह ने कहा कि स्व. ललित बाबू एक बड़ी शख्सियत थे उन्होंने राजनीति में एक बड़ी लकीर देश के पटल पर खिंची।कहा कि मैं तो बचपन से उनकी कहानियां सुनता हुआ बड़ा हुआ हूँ।वो राजनीति करने वाले के लिए अनुकरणीय थे ही सामाजिक रूप से भी ससशक्त हस्ताक्षर थे।कहा जो भी ललित बाबू से मिलने दिल्ली जाते वो उनकी पीड़ा तो सुनते ही थे लेकिन कुछ न कुछ मदद भी जरूर किया करते थे।कहा कि जब बराज का निर्माण व बांध बनाने का प्रस्ताव हुआ तो उन समय के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू जी संसाधन के अभाव को लेकर स्व ललित बाबू के समक्ष चिंता जाहिर की थी।उस समय ललित बाबू ने कोसी के लोगो श्रमदान के लिये आवाह्न किया उनके एक आवाह्न पर हजारों की संख्या में लोगो ने आकर श्रम दान किया था।उन्होंने कहा कि आज ललित बाबू होते तो कोसी की दशा व दिशा कुछ और होता।
वही संबोधित करते हुए सुपौल प्रभारी जिला पदाधिकारी मो.तारीक अनवर ने कहा कि स्व.ललित बाबु एक विकास पुरुष थे।वो तीन बार लोकसभा सांसद रहते हुए देश के अनेक पदों को शुशोभित किया। इस क्षेत्र के लोग हमेशा से बाढ़ की विभीषिका को झेलते आ रहे थे।लेकिन ललित बाबू ने उससमय भारत के प्रधानमंत्री व नेपाल के प्रधानमंत्री के बीच समझौता कराकर कोसी नदी पर बांध व बराज का निर्माण कर बाढ़ की विभीषिका को दूर किया।उन्होंने हमेशा क्षेत्र के विकाश के बारे में सोचा। सही मायने में उनकी सच्ची श्रधांजलि तभी होगी जब हम उनके बताये रास्ते पर चलें।
वही स्व.ललित बाबू के पौत्र सुमित मिश्रा ने कहा कि उनके दादी जी ललित बाबू ने रेल मंत्री रहते हुए एक ट्रेन चलाया था जयंती जनता एक्सप्रेस जो आज वैशाली एक्सप्रेस के नाम से जानी जाती है।उनका सपना था कि ये ट्रैन जो दिल्ली तक जाती है ये उनके पैतृक गांव बलुआ या ललितग्राम से चले।कहा कि धन्यवाद देता हूँ सांसद दिलेश्वर कामेत की जिनक वजह से आज 50 साल बाद उनका सपना पूरा हुआ आज वैशाली एक्सप्रेस ललितग्राम से चल रही है। कहा कि एक सपना है यहाँ के लोगो की है कि ललित बाबू को भारत रत्न मिले एमएलसी डॉ अजय सिंह जी ने विधान पार्षद में ये बात उठाई थी। उनके लिए में उनका धन्यवाद देता हूँ। उन्होंने मांग की ललितग्राम में बाईपास बन जाने के बाद भी नियमित रूप से लंबी दूरी के ट्रेनों का ठहराव हो साथ ही ललितग्राम में एक वाशिंग पीट के निर्माण कराया जाय तांकि लंबी दूरी के ट्रेनों का परिचालन ललितग्राम से संभव हो सके।
वही स्मारक निर्माण समिति के संयोजक प्रो.रामचंद्र मंडल ने सुपौल नगर परिषद में स्व ललित बाबू का एक आदम कद प्रतिमा व स्मारक निर्माण करने को लेकर एक ज्ञापन सोंपा। उन्होंने कहा कि सिर्फ खाना पूर्ति करने से कुछ नही होगा। जब ललित बाबू के सपनो के लिए काम करेंगे तभी उनको सच्ची श्रंद्धाजलि मिलेगा।
वही बलुआ के वयोवृद्ध समाज सेवी पूर्व मुखिया जय कृष्ण गुरुमेता,वीआईपी नेता संजीव मिश्रा, बीरपुर नगर पंचायत अध्यक्ष सुशील कुमार वैश्य,सुपौल नगर पार्षद अध्यक्ष राघवेंद्र झा राघव, भाजपा नेता शालीग्राम पांडेय ने भी मंच से संबोधित कर ललित बाबू को श्रंद्धाजलि अर्पित किया।
धन्यवाद ज्ञापन शेख मोहम्मद ने किया। मौके पर पूर्व विधायक उदय गोईत, पूर्व सांसद महेंद्र नारायण सरदार, त्रिवेणीगंज एसडीएम अभिषेक कुमार, बीरपुर एसडीएम नीरज कुमार,त्रिवेणीगंज एसडीपीओ विभाष कुमार, बीरपुर एसडीपीओ सुरेन्द्र कुमार, सीओ राकेश कुमार, बसंतपुर सीओ हेमंत अंकुर, बलुआ थाना अध्यक्ष सुमित कुमार, ललितग्राम थानाध्यक्ष अंजली कुमारी, ललित बाबू के छोटे पुत्र संजय मिश्रा, बलुआ मुखिया रामजी मंडल, तेज नारायण खेरवाड़, रामटहल भगत, जाप युवा नेता सुभाष यादव, रमैया झा, रिंकू मिश्र,मुन्ना साह,कमलेश साह, अफजल आलम, एवं अन्य लोग मौजूद थे। कार्यक्रम से पहले गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। कार्यक्रम में काफी संख्या में लोग पहुंचे थे।
































